मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि 54 तकनीकों का मंत्रालय ने चयन किया है। इन तकनीकों के सहारे अमूमन 36 महीने में बनने वाले मकानों का निर्माण एक साल में होगा। खास बात यह कि अगर किसी एजेंसी ने समय से पहले प्रोजेक्ट पूरा कर लिया तो हर महीने के हिसाब से उसे दो हजार डॉलर का पुरस्कार भी मिलेगा।
अधिकारियों की मानें तो हर शहर ने प्रोजेक्ट के लिए दो हेक्टेयर से ज्यादा जमीन दी है। सबसे ज्यादा 11 प्रस्ताव चेन्नई ने दिए हैं। लखनऊ से 9 प्रस्ताव आए हैं। वहीं, राजकोट, इंदौर व रांची ने छह प्रस्ताव बनाए हैं। इसके अलावा अगरतला सेे पांच प्रस्ताव मिले हैं।