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जजों की नियुक्ति में देरी के लिए खुद को जिम्मेदार नहीं मानती सरकार

Sat, 20 Aug 2016 03:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/नई दिल्ली
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कोर्ट
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भले ही भारत के प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर जजों की नियुक्ति में हो रही देरी का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ रहे हों लेकिन सरकार इससे बिल्कुल भी इत्तेफाक नहीं रखती। सरकारी सूत्रों के माने तो वह इस बात को तूल नहीं देना चाहती क्योंकि न्यायपालिका से टकराव का उसका कतई इरादा नहीं है। सरकार का कहना है कि प्रधान न्यायाधीश से विचार-विमर्श के साथ मेमोरेेंडम ऑफ प्रोसिजर(एमओपी) को लेकर काम चल रहा है और जजों की नियुक्ति प्रक्रिया में ‘विराम’ में सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
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सरकारी सूत्रों की मानें तो उनका साफ तौर पर कहना है, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति का काम चल रहा है और उनकी ओर से कोई देरी नहीं हो रही है। राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग(एनजेएसी) को संविधान पीठ ने गत वर्ष 16 दिसंबर को निरस्त कर दिया था और मेमोरेंडम ऑफ प्रोसिजर(एमओपी) तैयार करने के लिए कहा था। 

अदालती बाधाएं समाप्त होने के बाद इस वर्ष जनवरी से पुराने एमओपी के आधार पर जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया की जा रही है। जनवरी से अब तक 52 जजों की नियुक्ति की जा चुकी है और करीब 250 जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान हाईकोर्ट के 110 एडिशनल जजों को स्थायी बनाया गया। सुप्रीम कोर्ट में चार जजों की नियुक्ति हुई। इस दौरान विभिन्न हाईकोर्ट के 28 जजों के तबादले भी हुए। 
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आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, नियुक्ति प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एमओपी का दायरा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। मालूम हो कि हाल ही में चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने कोलेजियम द्वारा दिए गए 75 नामों को अंतिम रूप देने में देरी पर सरकार को आड़े हाथ दिया था। चीफ जस्टिस ने इस बात पर नाराजगी जताई थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में जजों की नियुक्ति का कोई जिक्र नहीं किया।

 कानून मंत्रालय ने कहा है कि जजों की नियुक्ति के मामले में मौजूदा दस्तावेजों में अतिरिक्त दस्तावेज जोड़ने का अधिकार उसे सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले से मिला है, जिसमें इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा गया है। कानून मंत्रालय के एक आला अफसर ने मेमोरेंडम ऑफ प्रोसिजर (एमओपी) का हवाला देते हुए कहा कि यह दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक निर्देश के मुताबिक है। 
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