सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से शिक्षा का अधिकार पर दाखिल जनहित याचिका (पीआईएल) की सुनवाई में मदद करने को कहा। याचिका में 3.5 करोड़ गरीब बच्चों को औपचारिक शिक्षा प्रणाली में शामिल करने और देशभर में शिक्षकों के 9.5 लाख पदों को भरने का मुद्दा उठाया गया है।
मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका को बहुत ही अच्छा करार दिया। पीठ में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी शामिल हैं। याचिका अखिल दिल्ली प्राथमिक शिक्षक संघ ने दाखिल की है। प्राथमिक शिक्षकों के संघ के तौर पंजीकृत संस्था ने याचिका में छह से 14 साल के बच्चों को शिक्षा के अधिकार कानून के दायरे में भी लाने की अपील की है।
पीठ ने कहा कि उसके पास इस पीआईएल पर सभी राज्यों और केंद्र शासित सरकारों को उचित कदम उठाने के लिए नोटिस जारी करने का हक है। हालांकि कोर्ट ने अभी इस मामले पर नोटिस नहीं जारी किया। उसने इस मामले में अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल से विचार करने और मदद करने को कहा।