केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के सात दोषियों को रिहा करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर आज हुई सुनवाई में सरकार ने कहा कि यह केस देश के पूर्व प्रधानमंत्री से जुड़ा हुआ है, इसलिए दोषियों को छोड़ा नहीं जा सकता।
बता दें कि राजीव गांधी हत्याकांड के सभी सात दोषी इस वक्त तमिलनाडु की जेल में बंद हैं। वो पिछले 27 साल से जेल की सजा काट रहे हैं। इससे पहले तमिलनाडु सरकार ने 2 मार्च, 2016 को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि उसने सात दोषियों को रिहा करने का निर्णय लिया है। चूंकि सुप्रीम कोर्ट के 2015 के एक आदेश के तहत इन दोषियों को रिहा करने से पहले राज्य सरकार को केंद्र से अनुमति लेना आवश्यक है, इसलिए ये मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि इस मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने भी सातों दोषियों को रिहा करने का विरोध किया था। सरकार ने कहा कि तमिलनाडु सरकार को इस फैसले के बारे में 18 अप्रैल को ही सूचित कर दिया गया था।
गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के सात दोषियों को रिहा करने संबंधी तमिलनाडु सरकार के पत्र पर केंद्र सरकार को तीन महीने के अंदर निर्णय लेने को कहा था।