ब्यूरो/अमर उजाला कोलकाता। केंद्रीय विदेश और गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल का नाम बदल कर बांग्ला करने के राज्य विधानसभा के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है। लेकिन ममता बनर्जी सरकार ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। वह केंद्र से इस पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करेगी।
ध्यान रहे कि विधानसभा ने बीते साल पारित एक प्रस्ताव में राज्य का नाम बदल कर बांग्ला में बांग्ला, अंग्रेजी में बेंगाल और हिंदी में बंगाल करने की सिफारिश की थी। लेकिन विदेश मंत्रालय ने हाल में राज्य सरकार को भेजे एक पत्र में कहा है कि बांग्ला नाम से पड़ोसी बांग्लादेश की काफी समानता है। लेकिन सरकार इससे सहमत नहीं है।
वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का कहना है कि अंग्रेजी में यह नाम बेंगाल होने की वजह से भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह व विदेश मंत्रालयों को अलग-अलग पत्र भेजे जाएंगे। कुछ अधिकारियों ने बताया कि बांग्ला की जगह बंग नाम पर भी विचार किया जा सकता है।
राज्य के संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि राजनीतिक बदले की भावना से ही केंद्र ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। हम इस फैसले पर पुनर्विचार की अपील करेंगे। दूसरी ओर, प्रदेश भाजपा का कहना है कि इस प्रस्ताव को मंजूरी देने पर राजनयिक हलके में भ्रम की स्थिति पैदा होगी।
केंद्र इसकी अनदेखी नहीं कर सकता। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि नाम बदलने की कोई जरूरत नहीं है। हमने सदन में प्रस्ताव पारित होने के दौरान भी उसका विरोध किया था।