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किसानों को 6-6 हजार रुपये देने के लिए केंद्र सरकार ने शुरू किया डाटा पोर्टल

Fri, 08 Feb 2019 05:36 AM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अंतरिम बजट में की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना पर केंद्र सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है। किसानों को 6-6 हजार रुपये की आर्थिक मदद की पहली किस्त 31 मार्च से पहले ही उपलब्ध कराने के लिए उनका डाटा जुटाया जा रहा है। इसके लिए केंद्र ने पीएमकिसान.एनआईसी.इन (pmkisan.nic.in) वेब पोर्टल शुरू किया है, जिस पर राज्य सरकारों को 25 फरवरी तक अपने लाभार्थी किसानों का डाटा अपलोड करना होगा। 

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केंद्र सरकार के पास मौजूदा समय फसल बीमा योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड और मनरेगा योजना में एकत्र किया गया किसानों का डाटा पहले ही मौजूद है। केंद्र के पीएमकिसान पोर्टल में मौजूदा भूमि रिकॉर्ड के आधार पर राज्य अपने लाभार्थियों को चिह्नित करेंगे। बजट में घोषणा के दिन तक यानी एक फरवरी तक जिनका नाम भूमि रिकॉर्ड में है, वह इस योजना का लाभ पाने के योग्य हैं। 

राज्यों को छोटे एवं सीमांत किसानों के भूमि रिकॉर्ड के आधार पर नाम, लिंग, जाति, आधार नंबर (नहीं होने की सूरत में आधार पंजीकरण), बैंक खाता और मोबाइल नंबर का डाटा जुटाकर इस पोर्टल पर अपलोड करना है। राज्यों से जिलावार लाभार्थियों की सूची की समीक्षा करने के बाद पीएम-किसान पोर्टल में अपलोड की जाएगी। इसके आधार पर सीधे किसानों के बैंक खातों में पहली किश्त भेजी जाएगी। इस योजना पर नजर रखने के लिए परियोजना निगरानी इकाई (पीएमयू) का गठन भी कर दिया गया है।

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फिलहाल आधार नहीं अनिवार्य

सरकार ने पहली किश्त मुहैया कराने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य नहीं किया है, लेकिन इसके बाद आगे की किस्तें पाने के लिए किसान को अपना आधार कार्ड इस योजना से लिंक कराना होगा। राज्य सरकारों को भी यह सुनिश्चत कराने को कहा गया है कि लाभार्थी परिवारों में कोई डुप्लीकेसी नहीं हो और कोई भी सूचना गलत या अधूरी नहीं रह जाए।

यूपी ने दे दी है 50 लाख किसानों की प्राथमिक सूची

सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने इस योजना का लाभ अपने किसानों को पहुंचाने के लिए बजट में घोषणा के साथ ही काम शुरू कर दिया था। राज्य ने करीब 50 लाख किसानों की एक प्राथमिक सूची भी केंद्र सरकार को मुहैया करा दी है। अब 25 फरवरी की निर्धारित तिथि तक उत्तर प्रदेश सरकार इस सूची में और बढ़ोत्तरी कर सकती है। सूत्र बताते हैं कि कुछ राज्यों ने सूची तैयार करने के संबंध में केंद्र से स्पष्टीकरण मांगा था, जिसका जवाब भेज दिया गया है। कैबिनेट सचिव इस योजना पर राज्य सरकारों के साथ जल्द बैठक भी करेंगे। 
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