केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश जारी किए हैं कि भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों को राशन, वस्तुएं या अन्य किसी तरह की भी मदद देने के बजाय सीधे इनके बैंक खातों में पैसे डालें। श्रम मंत्रालय ने 22 मार्च को इस संदर्भ में आदेश जारी कर राज्यों को आर्थिक सहयोग के लिए डीबीटी का इस्तेमाल करने को कहा है। यह आदेश सभी मुख्य सचिवों, प्रधान सचिम (श्रम), श्रम आयुक्तों और राज्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के सचिवों के पास भेजा गया है।
श्रम मंत्रालय ने पाया था कि कुछ कल्याण बोर्ड द्वारा श्रमिकों को देने के लिए लालटेन, कंबल, छाते, बर्तन और साइकिलें देने के लिए निविदा जारी की गई थी। इस पर मंत्रालय ने राज्यों को ऐसा नहीं करने और डीबीटी के जरिये आर्थिक मदद सीधे खाते में भेजने का निर्देश दिया। मंत्रालय ने श्रमिकों को वस्तुएं देने के चलन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।