केंद्र सरकार ने रविवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि वे आगामी 22 अप्रैल से उद्योगों को ऑक्सीजन की आपूर्ति न करें। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए चिकित्सीय ऑक्सीजन की मांग बढ़ रही है।
खास तौर पर संक्रमण से ज्यादा प्रभावित वाले राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में इसकी जरूरत ज्यादा है।
अधिकार प्राप्त समूह-2 ने समीक्षा में पाया है कि उद्योगों के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति को अब इलाज में इस्तेमाल किया जाए और जिंदगियों को बचाया जाए। ऐसे में समूह-2 ने 22 अप्रैल से अगले आदेश तक विनिर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं को उद्योगों के इस्तेमाल के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति रोके जाने की सिफारिश की है, जिसे सरकार ने मानते हुए सिर्फ नौ विशेष उद्योगों को इससे छूट दी है। सभी मुख्य सचिवों को अपने-अपने प्रदेशों में इस आदेश को सुनिश्चित कराना होगा।
इन नौ उद्योगों को रहेगी छूट
-दवाई की शीशियां
-फार्मास्यूटिकल्स
-पेट्रोलियम रिफाइनरीज
-स्टील संयंत्र
-परमाणु ऊर्जा संयंत्र
-ऑक्सीजन सिलेंडर निर्माता संयंत्र
-कचरा जल उपचार संयंत्र
-खाद्य एवं जल शुद्धिकरण
-प्रसंस्कृत उद्योग