भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश में राष्ट्रीय जनसंख्या नीति लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उस क्षेत्र में जनसँख्या को प्रबंधित किये जाने से विकास को गति मिल सकती है, जबकि ऐसा न होने पर यही जनसँख्या उस क्षेत्र की समस्याओं में बढ़ोतरी कर विकास को नकारात्मक तरीके से प्रभावित कर सकती है।
भाजपा सांसद ने यह मांग ऐसे समय में की है जब विश्व हिन्दू परिषद देश के सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से मिलकर उनसे राष्ट्रीय जनसंख्या कानून बनाने के लिए आवाज उठाने की अपील कर रहा है। विहिप का प्रतिनिधिमंडल इसके संदर्भ में सांसदों से लगातार मुलाकात कर रहा है।
खंडेलवाल ने पत्र में कहा है कि तेजी से बढ़ती जनसंख्या के कारण शहरी भीड़भाड़, बेरोजगारी, पर्यावरणीय क्षरण और जल-भूमि जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। एक सुव्यवस्थित जनसंख्या प्रबंधन नीति से प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को बेहतर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे इन्फ्रास्ट्रक्चर योजना, सार्वजनिक सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति और नागरिकों के जीवनस्तर में सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
संघ कर रहा ये मांग
विहिप और भाजपा सांसदों की इस मांग से इतर आरएसएस हिंदुओं की कम जनसंख्या वृद्धि से चिंतित है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सहित अनेक संघ नेताओं ने हिन्दुओं से कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की अपील की है। संघ का मत है कि जनसंख्या में असंतुलन बढ़ने से से देश के अस्थिर होने, क्षेत्रीय अल्पसंख्यकों के प्रताड़ित होने और देश के विभाजन तक का खतरा बढ़ता है।