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PNB फ्रॉड: 11,400 करोड़ की उगाही के लिए आरोपियों की सारी संपत्ति जब्त करेगी सरकार

Sat, 24 Feb 2018 08:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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PNB Scam
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पंजाब नेशनल बैंक में हुए महाघोटाले से सरकार की छवि को धक्का लगा है। ऐसे में सरकार इस मामले का जल्द निपटारा करके जनता के बीच डगमगाते हुए विश्वास को संभालने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार, पीएनबी घोटाले में शामिल सभी आरोपियों की सारी संपत्ति जब्त करने की दिशा में कदम उठा सकती है। जानकारी के मुताबिक सरकार नीरव मोदी, उसकी पत्नी अमी मोदी, भाई निशाल मोदी और मामा मेहुल चौकसी से जुड़ी कंपनियों पर कब्जा करने का विचार कर रही है। 

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सरकारी एजेंसियां इससे पहले नीरव मोदी के ज्वेलरी, कार और महंगी घड़ियों को सीज कर चुकी है। आपको याद होगा कि सत्यम घोटाले के खुलासे के बाद सरकार ने कंपनी पर ही कब्जा कर लिया था। हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि आरोपियों की कंपनियों पर कब्जा करने से सरकार को कोई खास फायदा नहीं होगा। क्योंकि विवादों में आने के बाद से नीरव मोदी का बिजनेस लगभग ठप्प पड़ा हुआ है। 

शुक्रवार को कंपनी मामलों के मंत्रालय ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी की NCLT में पीएनबी घोटाले से जुड़े सभी 64 आरोपियों की सारी संपत्ति जब्त करने की याचिका दाखिल की है। जिसमें वह आरोपियों के अलावा उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कंपनियों पर कार्रवाई का डंडा चला सकती है। मामले की सुनवाई आगामी 27 फरवरी को होगी। 
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सत्यम घोटाले मामले में भी हुआ था कुछ ऐसा 

साल 2009 में सत्यम कंप्यूटर घोटाले में भी सरकार ने कुछ इसी तरह की कार्रवाई को अंजाम दिया था। सरकार ने कंपनी पर कब्जा कर लिया था। केंद्र सरकार ने कंपनी के बोर्ड को भंग करके दीपक पारेख जैसी शख्सियत को कंपनी चलाने के लिए नियुक्त किया था। जानकारों का मानना है कि सरकार के ऐसे कदम से कुछ खास फायदा नहीं होता है, क्योंकि किसी विवाद में सामने आने के बाद बिजनेस तो प्रभावित होता ही है साथ ही देनदारी बढ़ जाती हैं। 

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