सरकार कांग्रेस पार्टी को मध्य दिल्ली स्थित उसके मुख्यालय से बेदखल करने पर विचार कर रही है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने मंगलवार को आरटीआई से पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अपने मुख्यालय 24 अकबर रोड सहित चार बंगलों पर कब्जा कर रखा है। मंत्रालय ने जवाब देते हुए कहा कि पार्टी अपनी हैसियत से ज्यादा जगह घेर रखी है।
कांग्रेस के कब्जे में तीन अन्य बंगले 5 रायसीना रोड, 26 अकबर रोड और सी-2/109 चाणक्यपुरी हैं। इनमें से रायसीना रोड वाला बंगला यूथ कांग्रेस के पास है, जबकि 26 अकबर रोड और चाणक्यपुरी वाला बंगला पार्टी के कामकाज के लिए इस्तेमाल होता है।
शहरी विकास मंत्रालय के तहत आने वाले संपदा निदेशालय का कहना है कि इनका आवंटन 26 जून, 2013 को रद्द कर दिया गया था। कांग्रेस को दिल्ली में अपना कार्यालय भवन बनाने के लिए 2010 में जमीन दी गई थी।
जमीन आवंटन के तीन साल के अंदर कांग्रेस को भवन का निर्माण करवा लेना था और चार बंगलों को 2013 तक खाली कर देना था। आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने तीन साल का अतिरिक्त समय देने का निवेदन किया था।
इसके साथ ही उसने 26 जून 2013 से लाइसेंस फीस के रूप में क्षतिपूर्ति के भुगतान के फैसले पर पुनर्विचार का निवेदन किया था। दरअसल राजनीतिक दलों को सस्ती दर पर मिलने वाले बंगले के मुकाबले इसका बाजार भाव बहुत ज्यादा है। कांग्रेस ने लंबे समय से इन बंगलों पर कब्जा कर रखा है।