केंद्र सरकार तेलंगाना मॉडल की तर्ज पर सीधे किसानों के खाते में प्रति एकड़ 2,000 रुपये तक डालने की तैयारी कर रही है। इसके लागू होने पर करीब एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का वार्षिक खर्च आने का अनुमान है। तेलंगाना में फसलों की बुवाई से पहले प्रति एकड़ तय राशि सीधे खाते में भेजी (डीबीटी) जाती है।
सरकार इसे बेहतर मान रही है, क्योंकि कर्ज माफी का फायदा एक बार मिलता है। इस योजना का फायदा हर फसल के समय मिलेगा। केंद्र सरकार में फिलहाल प्रति एकड़ 1,700 से 2,000 रुपये तक सीधे किसानों के खाते में डालने की योजना पर सहमति बनती दिख रही है।