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केंद्र सरकार ने पिछले 11 सालों में बैंकों को संभालने में खर्च किए 2.6 लाख करोड़ रुपये

Mon, 19 Feb 2018 08:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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banking - फोटो : cio.co.ke
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पंजाब नेशनल बैंक में 11,400 करोड़ रुपये के घोटाले के उजागर होने के बाद बैंकों को लेकर बहस गर्मा गई है। पिछले कुछ सालों में बैंकों का बढ़ता एनपीए सरकार के सामने चुनौती बना हुआ है। बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े-बड़े कॉर्पोरेट्स ने घोटाले किए। बैंक से लोन लिया और चुकाने में असमर्थता जता दी। कुछ एक कारोबारी तो देश छोड़कर भागने तक में सफल रहे। 

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पिछले तीन वित्त मंत्री के कार्यकालों में बैंकों को एनपीए से उभारने की कोशिश की जा चुकी है। सरकार द्वारा बैंकों को इससे उभारने के लिए 2.6 लाख करोड़ रुपये,11 सालों में दिए जा चुके हैं। यह रकम, सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के लिए आवंटित की गई राशि से भी ज्यादा है। 

सरकार द्वारा साल 2010-11 से लेकर 2016-17 के बीच बैंकों को 1.15 लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। इसके अलावा इस वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष भी बैंकों के रिकैपिटालाइजेशन के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। रेटिंग एजेंसी केयर के मुताबिक एनपीए पर नजर डालें तो पब्लिक सेक्टर बैंकों का बुरा दौर खत्म नहीं हुआ है।    

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