केंद्र सरकार के लगभग 49 लाख कर्मियों और 69 लाख पेंशनरों के महंगाई भत्ते/महंगाई राहत में तीन फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। आने वाले दिनों में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही पहली जुलाई से सरकारी कर्मियों और पेंशनरों को बड़ा आर्थिक फायदा होगा। केंद्रीय कर्मचारियों/पेंशनरों को अभी 60 फीसदी दर से महंगाई भत्ता/महंगाई राहत यानी डीए/डीआर मिल रहा है। तीन फीसदी की बढ़ोतरी होने के बाद डीए/डीआर की दर 63 फीसदी पर पहुंच जाएगी।
केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष एक जुलाई से अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के डीए/डीआर में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। उसके बाद डीए/डीआर की दर 58 पर पहुंच गई थी। एक जनवरी 2026 से डीए/डीआर की दरों में दो फीसदी की बढ़ोतरी होने के बाद महंगाई भत्ते की दर 58 से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है।
जुलाई 2025-दिसंबर 2025 के सूचकांक की स्थिति
ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स, जुलाई 2025 में 146.5, अगस्त में 147.1, सितंबर में 147.3, अक्टूबर में 147.7, नवंबर में 148.2 और दिसंबर में भी 148.2 पर संकलित हुआ था।
जनवरी 2026-जुलाई 2026 के सूचकांक की स्थिति
श्रम ब्यूरो के अनुसार इस साल जनवरी में अखिल भारतीय सीपीआई-आई डब्लू (औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) 148.6, फरवरी में 148.5, मार्च में 149.1, अप्रैल में 149.9, मई में 150.8, जून में 151.9 और जुलाई में 153.2 रहा है। जून 2026 में महंगाई 4.76 फीसदी रही तो पिछले साल की इसी माह में महंगाई दर 2.55 पर थी। श्रम ब्यूरो द्वारा हर महीने औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन देश परिव्याप्त 88 महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा मूल्यों के आधार पर किया जाता है।
अखिल-भारत समूह-वार सूचकांक: जून-जुलाई 2026
| समूह |
जून |
जुलाई |
| खाद्य एवं पेय |
157.1 |
158.9 |
| पान, सुपारी, तंबाकू एवं नशीले पदार्थ |
176.8 |
176.9 |
| कपड़े एवं जूते |
157.6 |
158.0 |
| आवास |
140.6 |
143.0 |
| ईंधन एवं प्रकाश |
159.2 |
159.9 |
| विविध |
148.0 |
148.2 |
| सामान्य सूचकांक |
151.9 |
153.2 |
इस बाबत वित्त राज्य मंत्री की दो टूक
सामान्य तौर पर सरकार, दो तीन महीने की देरी से यानी होली और दीवाली पर, डीए/डीआर की घोषणा करती है। डीए/डीआर की दर जब पचास फीसदी के पार हो जाती है तो नियमानुसार उसे मूल वेतन और पेंशन में विलय करना चाहिए। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी संसद में कह चुके हैं कि सरकार, ऐसा कोई विलय नहीं करेगी। नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत' के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल कहते हैं कि ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार ने पहले ही कर्मचारियों का दस प्रतिशत पैसा हर माह बचा लिया है। पिछले दो साल से दस प्रतिशत के हिसाब से कर्मचारियों का वेतन और पेंशन हड़पी जा रही है। आठवें वेतन आयोग के लागू होने की उम्मीद भी दो साल बाद ही कर सकते हैं। ऐसे में चार साल तक कर्मियों को हर माह दस प्रतिशत वेतन का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
डीए को बेसिक वेतन में मर्ज नहीं किया गया
एक जनवरी 2024 को डीए, पचास प्रतिशत हो चुका था। उसके बावजूद डीए को बेसिक वेतन में मर्ज नहीं किया गया। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें भी दो साल बाद ही लागू हो सकेंगी। कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स द्वारा कैबिनेट सचिव को एक पत्र लिखा गया था। इसमें महंगाई भत्ता/महंगाई राहत यानी 'डीए/डीआर' की गणना का कैलकुलेटर बदलने की मांग की थी। डीए की दर तय करने के लिए 12 महीने के औसत को तीन महीने के औसत से बदला जाना चाहिए। मतलब, कर्मियों को परिवर्तनीय डीए दिया जाए। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों को हर तीन महीने में वास्तविक मूल्य वृद्धि से मुआवजा मिल सकेगा। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मियों का डीए इसी आधार पर तय होता है।
कर्मियों और पेंशनरों के लिए अलग से हो सूचकांक
इतना ही नहीं, केंद्रीय कर्मियों और पेंशनरों के लिए अलग से 'उपभोक्ता मूल्य सूचकांक' तैयार करने की मांग की गई है। कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स के अध्यक्ष एसबी यादव के अनुसार, बैंकिंग कर्मचारियों का डीए हर साल प्रत्येक तिमाही यानी फरवरी-अप्रैल, मई-जुलाई, अगस्त-अक्टूबर और नवंबर-जनवरी में संशोधित किया जाता है। यदि जनवरी में मूल्य वृद्धि हो रही है, तो इसकी आंशिक भरपाई 12 महीनों के बाद की जाती है।
हर तीन महीने में हो गणना और भुगतान
डीए की गणना और भुगतान छह महीने के बजाय हर तीन महीने में किया जाना चाहिए। इतना ही नहीं, पॉइंट टू पॉइंट डीए प्रदान किया जाए। अब डीए को न्यूनतम मूल्य पर राउंड ऑफ किया जाता है। जैसे हम 42.90% डीए के लिए पात्र हैं तो हमें केवल 42% डीए स्वीकृत किया जाता है। 0.9% डीए से केंद्रीय कर्मचारियों को छह महीने तक वंचित किया जाता है। केंद्र सरकार के कर्मियों को प्वाइंट-टू-प्वाइंट डीए प्रदान किया जाना चाहिए। बैंकों और एलआईसी के कर्मचारियों को प्वाइंट-टू-प्वाइंट डीए मिलता है।