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नागालैंड अगले छह माह के लिए 'अशांत क्षेत्र', सुरक्षाबलों को फिर मिलीं विशेष शक्तियां

Wed, 01 Jul 2020 03:20 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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नागालैंड को अगले छह महीनों यानि दिसंबर तक के लिए 'अशांत क्षेत्र' घोषित कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को इस संबंध में घोषणा की है। गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि केंद्र सरकार का मानना है कि पूरे नागालैंड में परिस्थितियां इतनी परेशान करने वाली और खतरनाक हैं कि आम जनमानस की मदद एवं सुरक्षा के लिए सशस्त्र बलों की सहायता की आवश्यकता है।

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गृह मंत्रालय ने कहा कि इन हालातों को देखते हुए सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 (आफस्पा) की धारा तीन द्वारा प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि 30 जून, 2020 से छह महीने की अवधि के लिए पूरे राज्य को 'अशांत क्षेत्र' माना जाएगा।

इससे पहले नागालैंड के राज्यपाल आरएन रवि ने मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो को एक पत्र लिखा था। इसमें में उन्होंने राज्य में अनिश्चित कानून और व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की थी। पत्र में उन्होंने कहा था कि आधा दर्जन सशस्त्र गिरोह राज्य सरकार की वैधता को चुनौती दे रहे हैं। राज्यपाल ने 16 जून को मुख्यमंत्री को यह चार पन्नों का पत्र लिखा था। 

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क्या लिखा था राज्यपाल के पत्र में

पत्र में रवि ने उल्लेख किया था कि कैसे सशस्त्र गिरोह जबरन वसूली रैकेट चला रहे हैं और लोगों की बीच डर फैला रहे हैं। जबकि राज्य प्रशासन उन पर लगाम लगाने में विफल रहा है।

पत्र में उन्होंने लिखा कि ‘आधा दर्जन से अधिक संगठित गिरोह दिन-ब-दिन अनर्गल उपद्रव कर रहे हैं और अपनी तथाकथित सरकार चला रहे हैं। राज्य कानून और व्यवस्था से किसी भी प्रतिरोध के बिना वे सरकार की वैधता को चुनौती दे रहे हैं जिससे विश्वास का संकट पैदा हो गया है।’

आरएन रवि को अगस्त 2019 में नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। वे नागा शांति वार्ता के लिए केंद्र के वार्ताकार भी हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने नागा विद्रोही समूहों के बारे में उल्लेख किया है, जिनमें से अधिकांश केंद्र के साथ शांति वार्ता में लगे हुए हैं।
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नागरिकों को परेशान कर रहे सशस्त्र समूह

उन्होंने पत्र में लिखा, ‘सशस्त्र समूहों द्वारा उग्र रूप से हिंसा के जरिए कानून का पालन करने वाले नागरिकों को परेशान किया जाता है। राज्य सरकार के विकास विभाग सशस्त्र गिरोहों को नियमित रूप से फिरौती देने के लिए दबाव में हैं। वहीं समूहों द्वारा हथियारों का प्रदर्शन करने से लोगों में दहशत फैल गई है।’

राज्यपाल ने पत्र उल्लेख किया था कि कैसे गिरोह राज्य के प्रवेश बिंदुओं पर चेक गेट संचालित करते हैं और नागालैंड में प्रवेश करने वाले सभी सामानों पर अवैध कर लगाते हैं। वहीं राज्य की कानून और व्यवस्था को इसकी पूरी जानकारी है। 

नागालैंड में आने वाला माल सशस्त्र बदमाशों द्वारा बंदूक की नोंक पर उगाही करने से अत्यधिक महंगा हो जाता है। उन्होंने सीएजी की 2018 की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें बताया गया था कि कैसे सरकारी विभाग से सशस्त्र समूहों को फंड दिया जाता है।
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