वाणिज्य एवं उद्योगमंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि कारोबारी सुगमता के लिए रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की नीति में बदलाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह फैसला स्वागत योग्य है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अब 74 फीसदी तक एफडीआई स्वत: किया जा सकता है, लेकिन 74 फीसदी से ऊपर का निवेश सरकार की अनुमति से ही हो पाएगा। इससे कारोबारी सुगमता तो बढ़ेगी ही, निवेश, रोजगार और आमदनी में भी इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि राष्टï्रीय सुरक्षा को देखते हुए रक्षा क्षेत्र में विदेशी निवेश जांच के आधार पर ही होगा।
मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा के लिए आसियान देशों से हो रही बात : गोयल
सरकार ने संसद में कहा कि मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा के लिए भारत 10 सदस्यीय आसियान देशों के साथ बात कर रहा है। राज्यसभा में एक लिखित जवाब में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 29 अगस्त को भी भारत आसियान के वित्त मंत्रियों की बैठक हुई थी। मुक्त व्यापार समझौते के तहत सभी पक्षों को परस्पर रियायतें मिलती हैं।
गोयल ने कहा कि इस समझौते के प्रावधानों को लेकर किसी कमी या असंतुलन को सुधारने के लिए समय-समय पर समीक्षा की जाती है।
कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत आने की इच्छुक: गोयल
सरकार ने संसद में बताया कि इलेक्ट्रॉनिक, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल व अन्य क्षेत्रों की कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत में आने की इच्छुक हैं।
केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया, कई क्षेत्रों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपना कारोबार भारत में शिफ्ट करने की इच्छा जताई है।
हालांकि कंपनियों द्वारा दी गई जानकारी की संवेदनशीलता के कारण इस बारे में अधिक नहीं बताया जा सकता। सरकार भारत में निवेश सुविधाजनक बनाने और निवेशक अनुकूल सुधार को लेकर कड़ी मेहनत कर रही है।