गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में मणिपुर की स्थिति पर चर्चा की मांग खारिज होने पर विपक्षी सदस्य ने गुरुवार को बैठक छोड़कर चले गए। सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में जेल सुधारों पर चर्चा के लिए हुई बैठक में तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और कांग्रेस के दिग्विजय सिंह व प्रदीप भट्टाचार्य ने पैनल के अध्यक्ष बृजलाल को एक संयुक्त पत्र सौंपा, जिसमें कहा गया कि समिति के सदस्यों के रूप में वे मणिपुर की स्थिति को नजरअंदाज नहीं कर सकते।
तीनों सांसदों के दस्तखत वाले पत्र में कहा गया कि गृह मामलों पर विभाग संबंधित संसदीय स्थायी समिति के सदस्यों के रूप में, यह उनकी नैतिक और सांविधानिक जिम्मेदारी है कि वे इस मामले पर अत्यंत तत्परता और अपेक्षित ईमानदारी के साथ चर्चा करें। उन्होंने कहा, स्वयं एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होने के नाते आप राज्य की स्थिति की गंभीरता को समझते हैं। मणिपुर को सुधार और हिंसा के अंत की जरूरत है।
सांसदों ने कहा, हम निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में नजरें नहीं फेर सकते। हमने पिछले महीने सभापति को पत्र लिखकर मणिपुर पर चर्चा के लिए समिति की तत्काल बैठक बुलाने का अनुरोध किया था, लेकिन वह मांग भी स्वीकार नहीं की गई। आपने भी हमें बताया कि इस मुद्दे पर जुलाई में किसी भी समय चर्चा नहीं की जाएगी।
इंटरनेट पर रोक...अर्जी पर विचार से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में बार-बार इंटरनेट पर रोक के खिलाफ राज्य के दो निवासियों की याचिका पर विचार करने से बृहस्पतिवार को इन्कार कर दिया। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाने की स्वतंत्रता दी है। सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने पाया कि मणिपुर हाईकोर्ट की एक खंडपीठ के पास पहले से ही यह मामला है, जिसमें एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था। हाईकोर्ट ने यह जांच करने का निर्देश दिया है कि क्या राज्य में इंटरनेट बहाल किया जा सकता है। पीठ ने याचिकाकर्ताओं के वकील शादान फरासत से कहा, मामला हाईकोर्ट में लंबित है, ऐसे में उन्हें हाईकोर्ट जाना चाहिए।
तलाशी में हथियार बरामद, 352 हिरासत में
इंफाल। हिंसाग्रस्त मणिपुर में शांति बहाली और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सेना, असम राइफल्स, सुरक्षाबलों के जवान और मणिपुर पुलिस ने तलाशी अभियान तेज कर दी है। इस दौरान पिछले चौसीब घंटों में हथियार और गोला बारूद बरामद किए गए हैं। साथ ही 352 शरारती तत्बों को लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। मणिपुर पुलिस के मुताबिक प्रदेश में शांति बहाली और शरारती तत्वों की धर पकड़ के लिए राज्य भर में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। शरारती तत्वों और अवांछित तत्वों की आवाजाही को रोकने के लिए, राज्य और केंद्रीय बलों दोनों ने मणिपुर के विभिन्न जिलों में पहाड़ी और घाटी दोनों में 125 नाके/चेकपॉइंट स्थापित किए हैं।