केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी सेअनाथ हुए बच्चों के अपराध और मानव तस्करी के चपेट में आने के खतरों के प्रति आगाह किया है। साथ ही प्रभावित महिलाओं व बुजुर्गों को भी संरक्षण देने के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा है।
गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी करते हुए कहा, इन खतरों के मद्देनजर मौजूदा नियमों और कानूनों की नए सिरे से समीक्षा करें, ताकि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को आपराधिक तत्वों से पूरी सुरक्षा दी जा सके।
मंत्रालय ने राय दी है कि इस महामारी में बड़ी संख्या में बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया होगा। लिहाजा उनके लिए खासतौर पर पुख्ता इंतजाम किए जाने की जरूरत है।
इसके लिए पंचायत और स्थानीय प्रशासन के स्तर पर लोगों को शामिल करें। साथ ही इस काम में स्वयंसेवी संस्थानों को भी शामिल कर लोगों को मानव तस्करी जैसे अपराधों के प्रति सावधान किया जा सकता है।
मंत्रालय ने कहा है कि बाल और महिला संरक्षण संस्थानों की तरफ से लगातार चिंता जताई जा रही है। हाईकोर्ट में भी कोरोना के चलते अनाथ हुए बच्चों को संरक्षण देने केलिए गोद लेने की गुहार लगाई गई है।
एससी-एसटी को मिले सरकारी योजनाओं का लाभ
मंत्रालय ने यह भी कहा है कि ऐसे इंतजाम करें कि दूर-दराज के कमजोर और अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी व एसटी वर्ग) के लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसके तहत उन्हें तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी भी पहुंचाई जानी चाहिए।