केंद्र सरकार ने पाक अधिकृत जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) से आए शरणार्थियों के लिए हाल ही में 2000 करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दी है। इस राशि का उपयोग पश्चिमी पाकिस्तान से आए शरणार्थियों के लिए नहीं होगा।
केंद्र की ओर से मंजूर 2000 करोड़ के पैकेज को पीओजेके और छम्ब से आए 36,384 शरणार्थी परिवारों को दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने नवंबर 2015 में जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए पैकेज देने की घोषणा की थी। इसके मद्देनजर केंद्रीय कैबिनेट की 30 नवंबर को हुई बैठक में 2000 करोड़ के पैकेज को मंजूरी दी गई। 1947 में बंटवारे के बाद पीओजेके से हजारों परिवार जम्मू-कश्मीर चले आए थे। बाद में 1965 और 1971 के युद्ध के दौरान भी छम्म नियाबत से काफी संख्या में लोग जम्मू-कश्मीर पहुंचे।
एक अधिकारी ने बताया कि पीओजेके तथा छम्ब से आए शरणार्थियों को बसाने और उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए केंद्र और जम्मू-कश्मीर की सरकारों की ओर से समय-समय पर पैकेज की घोषणा की जाती रही है। एक न्यूज एजेंसी ने 30 नवंबर को खबर दी थी कि पश्चिमी पाकिस्तान और पीओके से आकर जम्मू, कठुआ और राजौरी में बसे शरणार्थी भी केंद्र और राज्य सरकारी की ओर से दिए गए पैकेज का लाभ उठा रहे हैं।
जहां तक पीओजेके से आए शरणार्थियों की बात है तो यह जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य का मामला है, क्योंकि ये शरणार्थी मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं और वे राज्य के एक हिस्से से आकर दूसरे हिस्से में बसे हैं। इन शरणार्थियों को लोकसभा, राज्य विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान करने का भी अधिकार है।