गृह मंत्रालय ने लोकसभा को जानकारी दी कि पिछले दस साल में 21408 विदेशियों को नागरिकता दी गर्इ है। इसमें सबसे अधिक 2015 में 15470 विदेशी भारत के नागरिक बने। इसके बाद से 2016 में 1106, 2017 में 817, 2018 में 268 और 2019 में 987 विदेशियों को नागरिकता दी गई।
सरकार ने यह खुलासा नहीं किया कि यह नागरिकता किन देशों से आए लोगों को दी गई। आजादी से लेकर 2014 तक कुल 2400 विदेशियों को भारत का नागरिक बनाया गया था।
गृहमंत्रालय के मुताबिक 14864 बांग्लादेशियों को भारत की नागरिकतका दी गई थी जब करार के तहत 53 बांग्लादेश के एनक्लेव को भारत में शामिल किया गया था। गृह मंत्रालय ने सदन को बताया कि देश में अबतक नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में 66 बड़े प्रदर्शन हुए हैं।
इस मामले में 11 एफआईआर दर्ज की गईं और 99 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शनों के दैरान भड़की हिंसा में 6 बस, 6 कार, 80 मोटरसाइकिल, 2 पुलिस वाहन, 23 अन्य वाहन और एक पुलिस बूथ को जलाया गया।