सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
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केंद्र सरकार ने नियमों के उल्लंघन के चलते 201 संस्थानों को बंद कर दिया है। इन संस्थानों को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा फंड मुहैया कराया जाता था।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव आर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि मंत्रालय द्वारा आर्थिक मदद हासिल कर रहे सभी संस्थानों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया गया और इसमें पाया गया कि 280 संस्थानों में गड़बड़ी थी या फिर संचालित नहीं हो रहे थे लेकिन ये सभी सरकार से अनुदान ले रहे थे।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने इन संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 201 संस्थानों को बंद कर दिया और अनुदान रोक दिया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन और बुनियादी ढांचा समेत कई मुद्दों के चलते ये 201 संस्थान बंद किए गए।
उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में कागजों पर सब कुछ सही था लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं था। कई अन्य मामलों में प्रबंधन और ढांचा संबंधी मामले थे। कुछ जगहों पर बुनियादी ढांचा इतना खराब था कि वे केंद्रीय अनुदान के लायक भी नहीं थे। हमने इन संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया, उनका पक्ष सुना और उसके बाद कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि मंत्रालय के पास दो या तीन स्तरीय निगरानी तंत्र है।