सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर लंबे समय से हो रहा इंतजार बुधवार को खत्म हो गया। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में वेतन में 23 फीसदी तक की बढोत्तरी को मंजूरी दे दी गई। बैठक में बढ़े वेतन को जुलाई से देने पर सहमति बनी, जबकि सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू मानी जाएंगी। सरकार जनवरी से अभी तक का बढ़ा वेतन अपने कर्मचारियों को एरियर के तौर पर देगी।
सरकार के इस फैसले से लगभग एक करोड़ के करीब केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को सीधे फायदा मिलेगा। वहीं केंद्र सरकार द्वारा सिफारिशों को मंजूरी मिलने के बाद अब राज्य सरकारों द्वारा भी जल्द ही इसे लागू करने की संभावना जगने लगी है।
बता दें कि सातवें वेतन आयोग ने मूल वेतन में 14.27 फीसदी की वृद्धि की सिफारिश की थी जो पिछले 70 साल में सबसे कम है। भत्तों में वृद्धि की सिफारिशों को जोड़ने के बाद कुल वृद्धि 23.55 फीसदी बैठती है।
वेतन आयोग ने की थी 14 फीसदी वेतन बढ़ाने की सिफारिश
इससे पहले छठे वेतन आयोग ने 2008 में मूल वेतन में 20 फीसदी की वृद्धि की सिफारिश की थी, जिसे लागू करते समय सरकार ने दोगुना कर दिया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि खजाने पर दबाव को देखते हुए सरकार 15 फीसदी की सिफारिश की जगह मूल वेतन में 18 से 20 फीसदी तक की ही वृद्धि पर विचार कर सकती है।
कैबिनेट की सिफारिशों के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन भी बढ़कर अब 18 हजार हो गया है जो पहले मात्र सात हजार रुपये था। वहीं सरकार की इस घोषणा के बाद केंद्रीय खजाने पर एक लाख करोड़ का दबाव बढ़ने का अनुमान जताया गया है।
क्या थीं सिफारिशें?
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सचिवों की अधिकार प्राप्त समिति ने अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को करीब 10 दिन पहले ही सौंप दी थी। इस समिति ने वेतन आयोग की रिपोर्ट पर अध्ययन के बाद यह रिपोर्ट सौंपी थी। कहा जा रहा है कि इस समिति ने वेतन आयोग द्वारा दी गई सिफारिशों के आगे करीब 18-30 प्रतिशत वेतन वृद्धि की सिफारिश की थी।
वेतन आयोग ने कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 18,000 रुपये और अधिकतम 2,25,000 रुपये (कैबिनेट सचिव और इस स्तर के अधिकारी के लिए 2,50,000 रुपये) की सिफारिश की थी। जबकि सचिवों की अधिकार प्राप्त इस समिति ने 18000 रुपये के स्थान पर करीब 27000 रुपये और 225000 के स्थान पर 325000 रुपये करने की सिफारिश की थी।
कंपनियों के स्टॉक्स में भारी उछाल
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर होने के बाद से ऑटोमोबाइल, रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और एफएमसीजी सेक्टर की कंपनियों के स्टॉक्स में भारी उछाल देखने को मिला है।
सिफारिशों का मंजूरी मिलने के बाद ऐसी कंपनियों के स्टॉक में 9 फीसदी तक की तेजी आई। सबसे ज्यादा तेजी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर की कंपनी वोल्टास, ब्लू स्टार और सिम्फनी जैसी कंपनियों में देखने को मिली है। इन कंपनियों के स्टॉक में 7 से 9 फीसदी तक की तेजी आई है।
एफएमसीजी सेक्टर की कंपनी आईटीसी और एचयूएल के स्टॉक्स 2 फीसदी तक उछल गए। रियल्टी सेक्टर की कंपनी डीएलएफ और यूनिटेक के शेयरों में 9 फीसदी तक का उछाल है।