फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विश्वविद्यालयों में नौकरी के लिए 200 पॉइंट रोस्टर पर अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी

Thu, 07 Mar 2019 02:43 PM IST
sapna singla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
अरुण जेटली - फोटो : Facebook
विज्ञापन

13 प्वाइंट रोस्टर के जरिए विश्वविद्यालयों में नियुक्ति को लेकर देशभर में जारी आंदोलन के बाद केंद्र ने 200 प्वाइंटर को हरी झंडी दे दी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कैबिनेट मीटिंग के बाद जानकारी दी कि केंद्रीय कैबिनेट ने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया ताकि रिजर्व कैटिगरी के एससी, एसटी और ओबीसी को विश्वविद्यालय फैकल्टी में नौकरी के लिए समुचित प्रतिनिधितित्व मिल सके।

विज्ञापन


 इस अध्यादेश में विभाग या विषय की बजाए विश्वविद्यालय या कालेज को इकाई माना गया है। इस निर्णय से शिक्षक कैडर में सीधी भर्ती के तहत 5000 से अधिक रिक्तियों को भरते समय यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि इससे संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 21 का पूरी तरह से अनुपालन हो सके और जिससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए नियत आरक्षण प्रावधान का पालन हो सके। 

विज्ञापन


इस विषय पर छात्रों और शिक्षक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इन संगठनों की ओर से सरकार से आग्रह किया गया था कि शिक्षक पदों में आरक्षण इकाई के रूप में कालेजों एवं विश्वविद्यालयों में 200 प्वाइंट की रोस्टर प्रणाली को बहाल करने के लिये अध्यादेश लाया जाए।
विज्ञापन



मानव संसाधन विकास मंत्री ने दिया था अश्वासन 

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंगलवार को अश्वासन दिया था कि केंद्र सरकार शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण रोस्टर बहाल करने को प्रतिबद्ध है और इस संबंध में किसी विरोध प्रदर्शन की जरूरत नहीं है। विश्वविद्यालय आरक्षण रोस्टर को लेकर यह विवाद उस समय शुरू हुआ था, जब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में आरक्षण रोस्टर का निर्धारण विवि को यूनिट मानकर तय करने की बजाय विभाग को यूनिट मानकर तय करने का निर्देश दिया था। इसके बाद यूजीसी ने सभी विवि को आदेश जारी कर विभागवार आरक्षण रोस्टर तैयार करने का निर्देश दिया था।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें