विदेश मंत्रालय के कई अधिकारियों के जीपीएफ अकाउंट में फर्जीवाड़ा होने की खबर है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले की शिकायत केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से की है। सीबीआई ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई मुख्यालय में एसीबी ब्रांच में ये मामला दर्ज किया गया है। जिसकी सीबीआई के डीएसपी रणविजय सिंह के नेतृत्व में तफ्तीश की जा रही है। हालांकि इस मामले को एसीबी ब्रांच के एसपी वी एम मित्तल खुद मॉनिटर कर रहे हैं। सीबीआई अब मामले की तफ्तीश में जुटी है कि आखिर कैसे जीपीएफ अकाउंट से ये पैसे निकाले गए हैं। शुरुआत में ये 92 लाख का अवैध निकासी का मामला नजर आ रहा है लेकिन इस रकम में और शिकायतों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस फ्रॉड का शिकार हुए कर्मचारी विदेश मंत्रालय के मूल अधिकारी नहीं है। बल्कि ये डेप्युटेशन पर हैं। इनके साथ धोखाधड़ी हुई है। विदेश मंत्रालय ने पहले जीपीएफ से और बाद में सीबीआई से मामले की जांच का अनुरोध किया है। जांच प्रक्रिया जारी है।
मामले का शिकार हुए विदेश मंत्रालय में कार्यरत लोगों के नाम और उसके जीपीएफ अकाउंट से गायब रकम इस प्रकार है...
1. अंकित शर्मा - 25 लाख - सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया , सफदरजंग ,नई दिल्ली
2. अनुज सिंह टोकस - 25 लाख - केनरा बैंक ,बरेली ,यूपी
3. राज कुमार गांजर -20 लाख - यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया , एक्सिस बैंक ,साकेत ,दिल्ली
4. वी डी महतो - 20 लाख -यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया ,गुवाहाटी
5. राम कुमार - 22 लाख - एक्सिस बैंक , जनकपुरी ,नई दिल्ली
अमर उजाला डॉट कॉम के पास एफआईआर की मूल प्रति मौजूद है...