बहुचर्चित नौकरी के बदले जमीन घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को भी आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी ने सोमवार को दूसरा आरोपपत्र दायर करते हुए तेजस्वी का नाम पहली बार आरोपी के रूप में शामिल किया है।
सीबीआई ने अपने विशेष लोक अभियोजक एडवोकेट डीपी सिंह के माध्यम से अदालत को सूचित किया गया है कि मामले में एक नया आरोप पत्र दायर किया गया है। सीबीआई के अनुसार एक आरोप पत्र पहले ही दायर किया जा चुका है क्योंकि कथित कृत्य एक अलग तरीके से किया गया है। अदालत को यह भी सूचित किया गया कि लालू और तीन अन्य के खिलाफ धाराओं पर मंजूरी का इंतजार है।
सीबीआई की ओर से विशेष जज गीतांजलि गोयल की कोर्ट में दायर आरोपपत्र में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद और बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी के साथ ही 14 अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल किए हैं। इसमें एके इन्फोसिस्टम्स नाम की कंपनी को भी नामित किया है। इस मामले में अब 12 जुलाई को सुनवाई होगी। अधिकारियों ने बताया, प्रारंभिक रिपोर्ट दाखिल होने तक घोटाले में आरोपियों की भूमिका की जांच पूरी नहीं हो सकी थी। जांच के दौरान कुछ नए दस्तावेज और सबूत सामने आए, जिसके आधार पर यह आरोपपत्र दायर किया गया है।
जमानत पर हैं लालू राबड़ी और मीसा
इस मामले में लालू प्रसाद, राबड़ी और उनकी बेटी व सांसद मीसा भारती अभी जमानत पर हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि 2004 से 2009 के दौरान यूपीए सरकार में रेल मंत्री रहते लालू ने नियमों और प्रक्रियाओं की धज्जियां उड़ाते हुए भर्तियां की गई थीं। इसके बदले में अभ्यर्थियों ने लालू के परिवार के सदस्यों के नाम अपनी जमीन बेहद कम दर पर बेची थी।
क्या है नौकरी के बदले जमीन घोटाला?
यह कथित घोटाला उस समय हुआ जब लालू प्रसाद कांग्रेस नीत केंद्र की यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि 2004-09 की अवधि के दौरान भारतीय रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में समूह ‘डी’ पदों पर विभिन्न व्यक्तियों को नियुक्त किया गया था और इसके बदले में संबंधित व्यक्तियों ने तत्कालीन रेल मंत्री प्रसाद के परिवार के सदस्यों को और इस मामले में लाभार्थी कंपनी ‘एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड’ को अपनी जमीन हस्तांतरित की थी।
नौकरी के बदले जमीन मामले में ईडी भी लालू परिवार से कर चुकी है पूछताछ
बता दें कि नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में सीबीआई राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी से पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा ईडी ने राजद प्रमुख के परिवार के परिसरों में छापे मारे थे। ईडी ने छापेमारी के बाद कहा था कि उसने एक करोड़ रुपये की आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक नकदी बरामद की है और अपराध में इस्तेमाल 600 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता लगाया है। लालू प्रसाद के परिवार और उनके सहयोगियों की तरफ से रियल एस्टेट समेत विभिन्न क्षेत्रों में किए गए और निवेश का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। इस मामले में तेजस्वी यादव और उनकी बड़ी बहन और सांसद मीसा भारती भी पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष भी पेश हुई थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनका बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया था।
शिवानंद तिवारी बोले- देश को हिंदू राष्ट्र बनाने से रोकने के लिए जो भी कुर्बनी देनी होगी हम देंगे
उधर, नौकरी के बदले जमीन मामले में सीबीआई की ओर दायर चार्जशीट में लालू परिवार का नाम आने के बाद राष्ट्रीय जनता दल के के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "तेजस्वी यादव ने तो खुद कहा था कि चार्जशीट में उनका नाम आएगा। अभी जिस तरह का माहौल है और भाजपा जैसी राजनीति कर रही है उसमें यही होना था लेकिन हमारी राजनीति में कोई बदलाव नहीं आएगा...देश को हिंदू राष्ट्र बनाने से रोकने के लिए जो भी कुर्बनी देनी होगी उसके लिए हम तैयार हैं।"