लोक लेखा समिति ने केंद्र और राज्य सरकारों से कहा है कि वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 100 फीसदी लाभार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करें। इसके साथ ही अगले तीन महीने में सभी राज्यों में स्वतंत्र खाद्य आयोग का गठन करने को भी कहा। समिति ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2013 में पास होने वाला यह कानून अब सभी 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है।
उसने कहा कि 81.34 करोड़ की अनुमानित आबादी में से 80.57 करोड़ लोग इसके लाभार्थी हैं जो कि 99.05 फीसदी है। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय द्वारा इस अधिनियम को लागू किए जाने की तैयारियों पर समिति ने यह रिपोर्ट पेश की।
समिति ने कहा कि भारत जैसी घनी आबादी वाले देशों में एक फीसदी गरीब और कमजोर लोगों की संख्या भी बड़ी होती है। समिति का मानना है कि राज्य ऐसी आबादी को खाद्य सुरक्षा से अलग नहीं छोड़ सकते हैं क्योंकि यह इस अधिनियम का आधार है।