बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) और यौन अपराध से संबंधित वीडियो जारी करने को लेकर केंद्र सरकार जल्द ही गूगल, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट और दूसरे सोशल मीडिया माध्यमों के साथ बैठक करेगा और ऐसे वीडियो पर रोकथाम के लिए चर्चा करेगा। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी।
शीर्ष अदालत ने इस मामले को 2015 में हैदराबाद के एक गैर सरकारी संगठन प्रजावाला के पत्र पर संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की थी। संगठन ने पत्र के साथ दुष्कर्म के दो वीडियो वाली पेन ड्राइव भी संलग्न की थी। कोर्ट में पेश वकील अपर्णा भट ने बताया कि सरकार ने ऐसे मामलों के लिए एक पोर्टल बनाया था, मगर बीते सितंबर से ही सरकार ने सभी संबंधित पक्षों के साथ कोई बैठक नहीं की।