केंद्र सरकार ने गुरुवार को फेसबुक और दूसरी सोशल मीडिया कंपनियों को साफ इशारा दिया है कि उन्हें किसी भी तरह का विशेषाधिकार नहीं दिया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ये बात साइबर स्पेस पर दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ये बात कही।
उन्होंने कहा कि डिजिटल स्पेस में भी लोकतंत्र सर्वोपरि है और ऐसे में किन्हीं चुनिंदा कंपनियों को विशेषाधिकार नहीं दिए जा सकते। दरअसल, कुछ समय पहले फेसबुक की ओर से 'फ्री बेसिक्स कनेक्टिविटी' एक्सेस की मांग की गई थी, लेकिन सरकार ने इसको ठुकरा दिया।
फेसबुक और बाकी सोशल मीडिया कंपनियों ग्रामीण इलाकों में अपनी पहुंच बनाना चाहती हैं और इसके लिए कंपनियों ने फ्री एक्सेस की मांग की है।
दरअसल, सरकार ग्रामीण इलाकों में भी डिजिटल पकड़ को मजबूत करने में जुटी हुई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक करीब 2.5 लाख पंचायतों को बेसिक कनेक्टिविटी देने के लिए 3500 करोड़ रुपये खर्चे जा रहे हैं। सरकार फिलहाल 1 लाख पंचायतों को ये सुविधा दे चुकी है, जबकि बाकी 1.5 लाख को जल्द ही ये सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
बता दें कि प्राइवेट कंपनियां जैसे एयरटेल, वोडाफोन और रिलायंस अपनी डिजिटल पहुंच को काफी बढ़ा चुके हैं और फेसबुक ने भी इसी तर्ज पर केंद्र के सामने शर्त रखी थी, लेकिन प्रसाद ने साफ कह दिया है कि किसी भी कंपनी को 'फ्री टिकट' नहीं दी जा सकती, इसके लिए डिजिटल नियमों का पालन किया जाना बेहद जरूरी है।
पढ़ें: PM मोदी ने लॉन्च किया UMANG ऐप, घर बैठे गैस बुकिंग समेत करें ये 200 काम
यहां कार्यक्रम को संबोधित करने पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा कि हम डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपने अनुभवों और उपलब्धियों को दुनिया भर के देशों के साथ साझा करना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों में साइबर स्पेस ने दुनिया को बदलकर रख दिया है और डिजिटल टेक्नोलॉजी लोगों को समर्थ बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।
इसकी वजह से ही गरीब और कमजोर लोगों को भी संपन्न लोगों से मुकाबला करने का मौका मिला है। इसी तरह विकासशील देशों को भी विकसित देशों को चुनौती देने का अवसर प्राप्त हुआ है।