केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि वे विशेष खोज समितियों का गठन करें और ऐसे प्रतिभावान लोगों को खोज निकालें, जो पद्म पुरस्कारों के लिए नामित किए जा सकें। अपने उल्लेखनीय योगदान के बावजूद ऐसे गुमनाम नायकों पर किन्हीं वजहों से विचार नहीं हो पाता।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा, ऑनलाइन पोर्टल ‘पद्मअवार्ड्सडॉटजीओवीडॉटइन’ पर आवेदन करने की तारीख एक जून से 15 सितंबर तक की है। ये पुरस्कार 2022 में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित किए जाएंगे।
पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि बड़ी संख्या में लोगों के नामांकन प्राप्त होते हैं, लेकिन कई प्रतिभाशाली लोगों के नाम पर उनके क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के बावजूद भी विचार नहीं होता। कई बार ऐसे लोगों पर ध्यान इसलिए भी नहीं जाता, क्योंकि वे सार्वजनिक रूप से प्रचार से दूर रहते हैं।
गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव आरके सिंह ने पत्र में कहा, आपसे अनुरोध किया जाता है कि ऐसे लोगों का पता लगाने के लिए समन्वित प्रयास कर, जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियों को मान्यता मिलनी चाहिए और जिनके पक्ष में उचित नामांकन होना चाहिए। ऐसे लोगों को पहचान मिलने से इन पुरस्कारों की प्रतिष्ठा ही बढ़ेगी।
गृह मंत्रालय ने कहा, महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों और दिव्यांग वर्गों से प्रतिभाशाली लोगों का पता लगाने के प्रयास किए जा सकते हैं, जो पुरस्कारों के लिहाज से पात्र हों।