देशभर के मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिले के लिए आयोजित नीट काउंसलिंग पर स्वास्थ्य मंत्रालय की मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) ने रोक लगा दी है। एमसीसी ने दूसरे दौर की काउंसलिंग पर बृहस्पतिवार देर शाम मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले के चलते रोक लगाई, जिसमें संशोधित रैंकिंग सूची जारी करने को कहा गया है।
सीबीएसई मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने जा रहा है। ऐसे में एमसीसी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, देश भर के सरकारी मेडिकल कालेज और विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस की करीब 69 हजार सीट हैं। वहीं, बीडीएस की करीब 28 हजार सीट हैं। इनमें आधी से अधिक सीट पहले दौर की काउंसलिंग में भर चुकी हैं।
वेबसाइट पर नजर रखें छात्र
दूसरे दौर की काउंसलिंग पर रोक संबंधी एमसीसी के पब्लिक नोटिस में मद्रास हाईकोर्ट के फैसले का जिक्र किया गया है। बृहस्पतिवार देर शाम जारी नोटिस में छात्रों को अगले आदेश की जानकारी के लिए नीट ऑनलाइन काउंसलिंग की वेबसाइट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
प्रति प्रश्न चार अंक मिलें
मद्रास हाईकोर्ट ने सीबीएसई से कहा कि परीक्षा में कुल 49 प्रश्नों में अनुवाद की त्रुटियां थीं, जिनके लिए प्रति प्रश्न चार अंक दिया जाना चाहिए। पीठ ने तमिल माध्यम से नीट देने वाले सभी 24,720 प्रतिभागियों को 196 अंक देने का आदेश दिया। सीबीएसई से कहा कि योग्य अभ्यर्थियों की रैंकिंग को संशोधित कर फिर प्रकाशित करे।
मेरिट लिस्ट में होगा बदलाव
अगर सीबीएसई संशोधित रैंकिंग सूची जारी करती है तो नीट की मेरिट लिस्ट बदल जाएगी। मेरिट लिस्ट में शामिल हजारों छात्र बाहर हो सकते हैं, जबकि इनमें अधिकतर पहले दौर की काउंसलिंग में दाखिला ले चुके हैं। ऐसे में ऑनलाइन काउंसलिंग दोबारा शुरू करनी होगी। इसी के मद्देनजर सीबीएसई सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने जा रहा है।