केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि 246 महिला सैन्य अधिकारियों की पदोन्नति के लिए एक विशेष चयन बोर्ड का गठन किया गया है, जो 9 जनवरी को इस मुद्दे पर विचार करेगा। शीर्ष कोर्ट 34 महिला सैन्य अधिकारियों की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें दावा किया गया है कि बबीता पुनिया के फैसले में कोर्ट के निर्देश के बावजूद महिला अफसरों की पदोन्नति को लागू नहीं किया जा रहा है।
अगली सुनवाई 30 जनवरी को
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ के समक्ष भारतीय सेना के वकील आर बालासुब्रमण्यन ने बताया कि 9 जनवरी 2023 को 246 महिला अधिकारियों की पदोन्नति पर विचार किया जाएगा। पीठ ने बोर्ड के परिणामों को उसके समक्ष रखने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 30 जनवरी को तय कर दी।
याचिका में कही गई यह बात
वकील राकेश कुमार के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि यह पूरी तरह से अनुचित, मनमाना और वरिष्ठ महिला अधिकारियों के अपमान का मामला है। उनकी पदोन्नति रोक दी गई और केंद्र सरकार ने जूनियर पुरुष अधिकारियों को कर्नल रैंक पर पदोन्नत कर दिया।
आवेदकों ने की थी यह मांग
आवेदकों ने पुरुष अफसरों के बराबर पात्र महिला अधिकारियों की पदोन्नति के लिए एक तत्काल चयन बोर्ड की मांग की थी। उनका कहना है कि उनसे कनिष्ठ पुरुष अफसरों की पदोन्नति पर विचार किया जा रहा है। आवेदक महिला अधिकारियों ने अदालत से प्रक्रिया को स्थगित करने की भी मांग की थी।