अब भारतीय नागरिक के साथ -साथ प्रवासी भारतीय नागरिक भी भारतीय प्रबंध संस्थान(आईआईएम) का डायरेक्टर बन सकेगा। केंद्र सरकार ने पहले भारतीय प्रबंधन संस्थान अधिनियम 2018 की अधिसूचना जारी कर दी है। यह अधिनियम सभी आईआईएम पर तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव संजय कुमार सिंहा की ओर से भारतीय प्रबंधन संस्थान अधिनियम 2018 की अधिसूचना जारी की गयी है। इसके तहत आईआईएम बोर्ड अध्यक्ष की नियुक्ति वर्तमान पदाधिकारी के कार्यकाल की समाप्ति से कम से कम तीन महीने पहले शुरू होगी और कार्यकाल समाप्ति से 30 दिन पूर्व पूरी कर ली जाएगी।
यदि अध्यक्ष पद के लिए चयन प्रक्रिया निर्धारित समयावधि में पूरी नहीं होती तो बोर्ड सदस्य तीन माह से अनधिक अवधि या नियमित अध्यक्ष की नियुक्तिए जो भी पहले हो को अपने में से कार्यवाहक अध्यक्ष को चुनेंगे। यदि रिक्ति अध्यक्ष के त्याग-पत्र या मृत्यु के कारण उत्पन्न होती है तो बोर्ड सदस्य तीन माह से अनधिक अवधि या नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति, जो भी पहले हो, उसे अपना कार्यवाहक अध्यक्ष चुनें।
बोर्ड द्वारा उपस्थित सदस्यों के बहुमत निर्णय और मदतान के माध्यम से सर्च सलेक्शन कमेटी गठित होगी। इसमें प्रशासक, उद्योगपति, शिक्षाविद, वैज्ञानिक, टेक्नोक्रेटस और प्रबंधन विशेषज्ञों से चुने गए पांच प्रतिष्ठित लोग होंगे। अध्यक्ष का कार्यकाल 74 वर्ष की आयु पूरी होने या अध्यक्ष के रूप में चार वर्ष पूरे करने पर अपने आप खत्म हो जाएगा।