केंद्र सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि किसी दुष्कर्म पीड़िता का नाम उजागर करना अपराध की श्रेणी में आता है। केंद्र ने यह उत्तर कई लोगों एवं कुछ मीडिया संस्थानों के हैदराबाद की पशु चिकित्सक दुष्कर्म पीड़िता के मामले में उसकी पहचान उजागर करने को लेकर दायर याचिका पर दिया है।
आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने उसकी पहचान स्पष्ट कर दी थी। अपने उत्तर में केंद्र सरकार ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, कोई भी व्यक्ति प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया में पीड़िता का नाम नहीं छाप सकता या प्रकाशित कर सकता है या यहां तक कि दूरस्थ तरीके से ऐसे किसी भी तथ्य का खुलासा नहीं कर सकता, जिससे उसकी पहचान बड़े पैमाने पर जनता को पता चले।
केंद्र ने कहा कि इस मामले में विभिन्न निर्णयों में यही कहा गया है कि पहचान का खुलासा नहीं किया जाना चाहिए। यहां तक कि निकट परिजन भी ऐसा नहीं कर सकते जब तक कि ऐसी परिस्थितियों न हों कि जिनमें उसकी पहचान जाहिर करना उचित हो और ऐसा सक्षम प्राधिकारी द्वारा तय किया जाएगा। इस मामले में अब अगली सुनवाई चार फरवरी को होगी।