केंद्र सरकार ने चार अधिवक्ताओं को विशेष अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किया है, जिन्हें पीएफआई और किसान अधिकार नेता अखिल गोगोई से जुड़े मामलों में एनआईए की तरफ से एनआईए स्पेशल कोर्ट के अलावा गुवाहाटी, केरल, राजस्थान और चेन्नई हाई कोर्ट में पैरवी करनी है। गृह मंत्रालय ने एक नोटिस जारी करते हुए कहा कि माखन फुकन, अजित कुमार एस, स्नेह दीप ख्यालिया और एन भास्करन को नियुक्त किया गया है। जिन्हें राजस्थान, तमिलनाडु, केरल और असम हाई कोर्ट में एनआईए की पैरवी करनी है ।
मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, आदेश जारी होने की तारीख से तीन साल तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, तब के लिए नियुक्त किया गया है। माखन को गुवाहाटी हाई कोर्ट के लिए नियुक्त किया गया है, अजित और स्नेह को केरल और राजस्थान के उच्च न्यायालयों में एनआईए की तरफ से मामले की पैरवी करेंगे। एन भास्करन चेन्नई स्थित एनआईए की विशेष अदालत और मद्रास उच्च न्यायालय एनआईए का प्रतिनिधित्व करेंगे।
माखन को मिली यह जिम्मेदारी
नोटिस के अनुसार, माखन कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) के अध्यक्ष अखिल गोगोई के खिलाफ दर्ज एनआईए के RC-13/2019/NIA/GUW and RC-01/2020/NIA/GUW मामलों को संभालेंगे। फिलहाल प्रमुख किसान अधिकार नेता जेल में हैं। आतंकवादी गतिविधियों में कथित भूमिका और सीएए के विरोध के दौरान हिंसा में शामिल होने के आरोप में एनआईए ने गोगोई को गिरफ्तार किया था। असम के जोरहाट से दिसंबर 2019 में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के कारण गिरफ्तार किया गया था। तब से वह जेल में ही है।
अजित संभालेंगे यह जिम्मेदारी
वहीं, अजीत केरल में पीएफआई के पदाधिकारी, सदस्य और सहयोगियों के मामलों से संबंधित RC-02/2022/NIA/KOC केस को संभालेंगे। पीएफआई अलग-अलग धर्मों के सदस्यों के बीच दुश्मनी पैदा करने और गैरकानूनी गतिविधियों की साजिशों को रचने में शामिल था। लश्कर-ए-तैयबा, आईएसआईएस, दाएशा और अल-कायदा सहित आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के लिए कमजोर युवाओं को प्रोत्साहित करता था। पीएफआई हिंसक जिहाद के रूप में भी काम करने का आरोपी है। मामले में एनआईए ने 19 नवंबर 2022 को संगठन के खिलाफ केस दर्ज किया था।
पीएफआई का केस संभालेंगे स्नेह
स्नेह को RC-41/2022/NIA/DLI मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मामला पीएफआई के खिलाफ 2022 में आपराधिक साजिश की जांच के लिए दर्ज किया गया था। पीएफआई पर आरोप है कि उसके पदाधिकारियों और नेताओं ने विभिन्न धर्मों के बीच खाई बनाने की कोशिश की। विशेष धर्म के मुस्लिम युवाओं को हथियारों की ट्रेनिंग और विस्फोटकों से निपटने की ट्रेनिंग दी थी। भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करने के उद्देश्य से आतंक और हिंसक मामलों के लिए पैसे इक्ठ्ठे किए थे।
तमिलनाडु में हुई भास्करन की पोस्टिंग
भास्करन एनआईए द्वारा 19 सितंबर 2022 को दर्ज मुकदमे RC-42/2022/NIA/DLI की पैरवी करेंगे। मामला तमिलनाडु पीएफआई से जुड़ा था। आरोप है कि पीएफआई कैडर और सदस्य विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी पैदा करने में शामिल थे।