फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Census: जनगणना और एनपीआर डाटाबेस महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना, गृह मंत्रालय ने संरक्षित करने की अधिसूचना जारी की

Wed, 09 Nov 2022 03:39 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

अधिसूचना के अनुसार, एनपीआर डाटाबेस, जनगणना डाटाबेस और सीआरएस डाटाबेस, कंप्यूटर संसाधन सेटअप और राष्ट्रीय डाटा केंद्र, रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त, दिल्ली के कार्यालय और बेंगलुरु और लखनऊ में आपदा रिकवरी साइट और डाटा केंद्रों सहित लिंक किए गए डाटाबेस को भी सीआईआई की श्रेणी में रखा गया है। 
विज्ञापन
गृह मंत्रालय (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार ने जनगणना और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) से संबंधित कुछ डाटाबेस को महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना (सीआईआई) के रूप में घोषित किया है। एक अधिसूचना जारी कर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2008 में संशोधित) के तहत उसे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग कर यह निर्णय लिया गया है।

अधिसूचना के मुताबिक, केंद्र सरकार ने जनगणना निगरानी एवं प्रबंधन प्रणाली, स्व-गणना और नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) वेब पोर्टल्स, घरों की सूची बनाने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन, जनसंख्या गणना और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर अपडेशन से संबंधित कंप्यूटर संसाधनों को भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त कार्यालय की महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना (सीआईआई) घोषित किया है। 

विज्ञापन


अधिसूचना के अनुसार, एनपीआर डाटाबेस, जनगणना डाटाबेस और सीआरएस डाटाबेस, कंप्यूटर संसाधन सेटअप और राष्ट्रीय डाटा केंद्र, रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त, दिल्ली के कार्यालय और बेंगलुरु और लखनऊ में आपदा रिकवरी साइट और डाटा केंद्रों सहित लिंक किए गए डाटाबेस को भी सीआईआई की श्रेणी में रखा गया है। उपरोक्त संस्थाओं की सभी संबद्ध निर्भरता के कंप्यूटर संसाधनों को भी कानून के तहत "संरक्षित प्रणाली" के रूप में घोषित किया गया है। अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। गौरतलब है कि 2021 में होने वाली जनगणना को कोविड-19 महामारी के कारण रोका गया है और यह निकट भविष्य में शुरू हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें