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हीरो-पहलवान से लेकर नेता तक बने हैं राम रावण और अंगद, ये हैं दिल्ली की 'रामलीलाएं'

Fri, 29 Sep 2017 02:23 PM IST
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
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रामलीला
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रामलीला बदल रही है। अब रावण का अट्टहास, बानर सेना और हनुमान की आवाज मंच तक सिमित नहीं है। अब हनुमान क्रेन से उड़ता हुआ आता है। रावण दहण के लिए तकनीक का उपयोग किया जाता है जिससे रियल की फीलिंग आती है। बानर सेना जब स्टेज पर आती है तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा लाल किला परिसर गूंजने लगता है।
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इस बदलती रामलीला ने 94 साल का सफर तय कर लिया है। पहले रामलीला के मंचन से पहले कलाकार महीनों पहले डायलॉग रटने लग जाया करते थे लेकिन आज बॉलीवुड स्टाइल में रामलीला दिखाई जा रही है। 

   बॉलीवुड के बड़े स्टारों के साथ सजी-धजी रामलीला आधुनिक हो रही है। इन रामलीलाओं के प्रति बॉलीवुड कलाकारों और नेताओं का आकर्षण भी तेजी से बढ़ रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी से लेकर पहलवान जगदीश कालीरमन तक इस रामलीला में अंगद से लेकर हनुमान तक का किरदार निभा रहे हैं। शाहबाज खान  मेघनाद बने गरजते देखे गए तो मुकेश ऋषि रावण बने लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।    
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रामलीला को देखने और रावण दहन करने और राम दरबार की पूजा अराधना करने देश के बड़े-बड़े नेता आते हैं

रामलीला
 स्टारों से सजी-धजी पुरानी दिल्ली की इन रामलीलाओं  की खासियत सिर्फ ये स्टार नहीं है। बल्कि इन रामलीला को देखने और रावण दहन करने और राम दरबार की पूजा अराधना करने देश के बड़े-बड़े नेता आते हैं।   
वोट बैंक से इतर रामलीला में इन नेताओं की भागीदारी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। पुराने दौर की अगर बात करें तो बड़े नेता बिना सुरक्षा और तामझाम के पहुंच जाया करते थे। वैसे आज भी बड़े नेता इन रामलीलाओं में पहुंचते हैं। 
 
वैसे तो लालकिला के आस पास तीन बड़ी रामलीला कमिटियां रामलीला का मंचन करती हैं। जिनमें लवकुश, नवश्री धार्मिक लीला कमेटी काफी चर्चित है। लवकुश रामलीला में जहां बॉलीवुड के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं नवश्री धार्मिक लीला कमेटी बड़े-बड़े नेताओं के इतिहास और मंझे हुए दर्शकों के साथ दर्शकों को बुला रही है।

बता दें कि नवश्री लीला ने पहली बार रामलीला का मंचन 1958 में शुरू किया था। रामलीला का मंचन देखने प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से लेकर राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन तक पहुंचे हैं।  इसबार भी इस रामलीला में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी के पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष रूप से बुलाया गया है। 

वहीं धार्मिक लीला कमीटी भी अपने बेहतरीन कलाकारों के साथ 94 वर्ष की हो चुकी है। 1924 में शुरू हुई इस रामलीला को देखने हर वर्ष करीब दो-ढाई लाख लोग आते हैं। कमीटी के सचिव प्रदीप शर्मा ने बताया कि एक ओर जब समय को देखते हुए स्क्रिप्ट बदली जा रही है वहीं  इस कमीटी ने पिछले 50 सालों से इसकी स्क्रिप्ट तक नहीं बदली है। 
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