कोरोना महामारी के बीच पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों के बीच चुनावी रण जारी है। अब तक राज्य में छह चरण का मतदान हो गया है। वहीं इस बीच मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा और चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने शनिवार को प्रचार अभियान में कोविड-19 दिशानिर्देशों के पालन की समीक्षा के लिए बंगाल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक बुलाई। इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव, एसीएस (गृह सचिव), सचिव (आपदा प्रबंधन), डीजीपी, कोलकाता के पुलिस कमिश्नर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच राज्य में अभी दो चरण के मतदान बाकी हैं। ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा और चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार अभियान में कोविड-19 दिशानिर्देशों के पालन की शनिवार को समीक्षा की।
निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आयोग के शीर्ष पदाधिकारियों ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, स्वास्थ्य सचिव और कोलकाता के पुलिस आयुक्त के साथ कोविड-19 दिशा-निर्देश के पालन की समीक्षा की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय महामारी अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया जो कोविड-19 नियमों का पालन नहीं करते हैं। निर्वाचन आयोग ने कुछ दिन पहले ही रोड शो और पैदल मार्च पर रोक लगा दी थी और जनसभा में अधिकतम 500 लोगों के शामिल होने की सीमा तय की है।
उल्लेखनीय है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान कोविड-19 संबंधी नियमों को लागू करने के मामले में निवार्चन आयोग के प्रति असंतोष व्यक्त किया था।