केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने देश की 14 से ज्यादा सरकारी प्रयोगशालाओं में होने वाली कफ सिरप की जांच में सख्ती दिखाई है। संगठन ने राज्यों को गुणवत्ता जांच के लिए भेजे जाने वाले नमूनों में समान वितरण पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी प्रयोगशालाओं के लिए अपने यहां होने वाले नमूने की जांच की रिपोर्ट हर दिन देना अनिवार्य की गई है।
नमूनों की जांच से संबंधित सभी जानकारी दिल्ली स्थित सीडीएससीओ के मुख्यालय तक आने के बाद इसे आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा, ताकि फार्मा कंपनियों के साथ राज्यों को यह जानकारी मिल सके कि कौन सी प्रयोगशाला में कितने नमूने पहुंचे हैं।
मुंबई और गाजियाबाद की प्रयोगशाला में पहुंच रहे सबसे अधिक नमूने
दरअसल, मुंबई और गाजियाबाद स्थित केंद्रीय प्रयोगशालाओं में सबसे अधिक नमूने जांच के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, कुछ में एक भी नमूना जांच के लिए नहीं भेजा जा रहा है। ऐसे में मुंबई स्थित प्रयोगशाला ने पत्र लिखकर कहा है कि उनके पास 92 नमूने पहुंचे हैं। इससे अधिक क्षमता उनके पास नहीं है। इसलिए जब तक इन नमूने की जांच पूरी नहीं होती है तब तक दूसरी प्रयोगशाला में नमूने भेजे जाएं।
दवा की गुणवत्ता पर उठ चुके हैं सवाल
सीडीएससीओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत निर्मित कफ सिरप की गुणवत्ता को लेकर हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य देशों ने सवाल खड़े किए हैं, जिसके चलते सरकार ने बीते एक जून से निर्यात करने से पहले कफ सिरप की घरेलु प्रयोगशाला में गुणवत्ता जांच का नियम लागू किया है। इसी के तहत, बीते 24 दिन से जांच प्रक्रिया चल रही है। हालांकि किसी में अधिक तो कहीं कम नमूने की वजह से यह पूरी प्रक्रिया काफी प्रभावित हो रही है। इसलिए सीडीएससीओ ने राज्य सरकारों, औषधि विभाग और प्रयोगशालाओं के प्रबंधन को पत्र लिखकर इस व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए हर दिन जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।