जनरल बिपिन रावत 2015 में नगालैंड में हुए एक हेलिकॉप्टर क्रैश में बाल-बाल बच गए थे।
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भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत को ले जा रहा एक एमआई-17 हेलिकॉप्टर बुधवार को तमिलनाडु के कुरनूल में क्रैश हो गया। बताया गया है कि इस हेलिकॉप्टर में उनकी पत्नी के साथ कुछ और सैन्य अधिकारी भी शामिल थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक चार लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, वहीं कुछ और गंभीर घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उम्मीद की जा रही है कि सीडीएस इस हादसे में सुरक्षित होंगे। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब बिपिन रावत किसी हवाई हादसे में शामिल रहे हों। 2015 में भी वह एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में बाल-बाल बच निकले थे।
यह घटना थी फरवरी 2015 की जब लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत सेना की दीमापुर स्थित 3-कोर के हेडक्वार्टर के प्रमुख पद को संभाल रहे थे। दीमापुर से जब वह अपने चीता हेलिकॉप्टर में सवार होकर निकले, तब अचानक ही कुछ ऊंचाई पर उनके चॉपर का नियंत्रण खो गया और हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। बताया जाता है कि उस वक्त इस घटना के पीछे इंजन फेल होने की वजह सामने आई थी। इस हादसे में जनरल रावत को कुछ मामूली चोटें आईं थीं।
सेना ने बाद में खुलासा किया था कि हेलिकॉप्टर जमीन से महज 20 मीटर की ऊंचाई तक ही पहुंच पाया था। इसी दौरान सिंगल इंजन के इस चॉपर में कुछ गड़बड़ी पैदा हो गई और इसके दोनों पायलटों का नियंत्रण छूट गया। लेकिन क्रैश में किसी की भी जान जाने की खबर नहीं आई थी। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया था कि इस घटना में भी वायुसेना ने उच्चस्तरीय जांच बिठाई थी।