सीडीएस जनरल चौहान ने उत्तरी कमांड के मुख्यालय, उधमपुर (जम्मू-कश्मीर) में और चंडीमंदिर में पश्चिमी कमांड में रणनीतिक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सेवाओं के बीच तालमेल के महत्व पर जोर दिया।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना के उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में भारतीय सेना की युद्ध कौशलता और तत्परता की रणनीतिक समीक्षा की। इस दौरान सीडीएस चौहान ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में समग्र तालमेल और समय पर कार्यों को पूरा करने के लिए दोनों कमानों की सराहना की। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उत्तरी और पश्चिमी कमान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऑपरेशन के दौरान प्रमुख भूमिका निभाने वाली दो महत्वपूर्ण कमानों के अलग-अलग दौरों में जनरल चौहान ने समग्र तालमेल की क्षमता की भी प्रशंसा की। सेना के अनुसार, सीडीएस ने रणनीतिक समीक्षा और परिचालन मूल्यांकन के दौरान विकसित हो रहे खतरों से निपटने के लिए निरंतर सतर्कता, संयुक्त कार्रवाई क्षमता और सेवाओं के बीच तालमेल के महत्व पर जोर दिया।
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उत्तरी कमांड के मुख्यालय, उधमपुर (जम्मू-कश्मीर) में जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने जनरल चौहान को परिचालन तत्परता और केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद को समाप्त करने के प्रयासों के बारे में जानकारी दी। सेना ने बताया कि उधमपुर में सीडीएस को उत्तरी सेना की ओर से आतंकी नेटवर्क को निष्प्रभावी करने, दुश्मन की आतंक समर्थक संपत्तियों को नष्ट करने और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैन्य और नागरिक आबादी की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की सफलता के बारे में बताया गया। साथ ही, सीमावर्ती क्षेत्रों में दुश्मन द्वारा निशाना बनाए गए नागरिक ठिकानों के पुनर्वास के लिए उत्तरी कमांड के प्रयासों की भी जानकारी दी गई।
चंडीमंदिर में, पश्चिमी कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैन्य बलों द्वारा की गई प्रत्यक्ष और गैर-प्रत्यक्ष जवाबी कार्रवाइयों की जानकारी दी। सेना ने बताया कि परिचालन पर्यावरण, रक्षा तैयारियों और ऑपरेशन के प्रमुख परिणामों का विस्तृत अवलोकन प्रदान किया गया। इसके अलावा पश्चिमी सीमाओं पर मौजूदा सुरक्षा स्थिति को रेखांकित किया गया।