तमिलनाडु के नीलगिरी में भारतीय सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हेलीकॉप्टर (Mi-17V5) में सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी समेत 14 लोग सवार थे। सूत्रों के मुताबिक, हादसे के 11 लोगों की मौत हो गई है। बता दें कि जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) हैं। इसके साथ ही वह रक्षा और रणनीतिक मामलों में सरकार के प्रमुख सलाहकार भी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद बनाए जाने की घोषणा की थी। जनरल विपिन रावत का परिवार कई पीढ़ियों से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहा है। उनके पिता सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल लक्ष्मण सिंह रावत 1988 में वे उप सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में जन्मे रावत 16 दिसंबर 1978 में गोरखा राइफल्स की पांचवीं बटालियन में शामिल हुए। देश के 26वें थल सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत सितंबर 2016 में भारतीय सेना के प्रमुख बने थे। रावत ने 31 दिसंबर 2016 को भारतीय सेना की कमान संभाली थी। 2019 तक वो इस पद पर रहे। 30 दिसंबर को रावत को देश का पहला सीडीएस नियुक्त किया गया था। 1 जनवरी से उन्होंने कार्यभार संभाला था।
जनरल रावत को पूर्वी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा, कश्मीर घाटी और पूर्वोत्तर में काम करने का लंबा अनुभव है। अपने करियर में जनरल बिपिन रावत को यूआईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, एसएम, वीएसएम के साथ वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया है। दो मौकों पर सीओएएस कमेंडेशन और आर्मी कमांडर कमेंडेशन भी दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र के साथ सेवा करते हुए, उन्हें दो बार फोर्स कमांडर के कमेंडेशन से सम्मानित किया गया।