फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CCTV में कैद हुआ वायनाड भूस्खलन का खौफनाक मंजर: खिलौने की तरह बह गया टैंकर, देखते-देखते दब गए कई लोग

Tue, 07 Jul 2026 05:09 PM IST
राहुल कुमार एएनआई, वायनाड।

सार

केरल के वायनाड जिले में कल्लाडी सुरंग परियोजना के पास हुए भूस्खलन के बाद जिला प्रशासन ने मंगलवार को आसपास रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। साथ ही लापता सात लोगों की तलाश के लिए अभियान तेज किया गया है। इसी बीच घटना का एक डरा देने वाला वीडियो सामने आया है। 
विज्ञापन
वायनाड भूस्खलन - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केरल के वायनाड वाले हिस्से में हुए भयानक भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई। वहीं, कई एजेंसियों का एक बड़ा बचाव अभियान अब भी जारी है। मलबे के नीचे दबे चार लापता लोगों की तलाश की जा रही है। इसी बीच भूस्खलन का दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। 
विज्ञापन


सामने आए भूस्खलन के वीडियो में एक टैंकर, बस और कुछ लोग तेजी से बह रहे मलबे और पानी की चपेट में आ गए। वीडियो में दिख रहा है कि भूस्खलन के बाद तेजी से बहकर आए मलबे के चलते टैंकर और बस कई सौ मीटर पीछे फिसलकर आ गए। जिससे उसकी चपेट में कई लोग आ गई। कुछ लोग तो भूस्खलन की चपेट में आने से बच गए, लेकिन कई लोग उस मलबे में दबे होने की आशंका है। 

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया खौफनाक मंजर
प्रत्यक्षदर्शी अजमल ने बताया, "पहले हमें हल्की सी आवाज सुनाई दी। हम सभी तुरंत दुकान से बाहर निकल आए। शुरुआत में पहाड़ी का थोड़ा हिस्सा ही खिसकता दिखा, लेकिन देखते ही देखते वह बड़ा भूस्खलन बन गया। हमने आसपास मौजूद लोगों को तुरंत वहां से भागने के लिए कहा। बस स्टॉप पर कई लोग खड़े थे और कुछ मजदूर भी काम कर रहे थे। तभी पुल के दूसरी तरफ खड़ा एक टैंकर भूस्खलन की चपेट में आ गया और बहता हुआ हमारी ओर आ गया।मुझे लगता है कि 10 से 15 लोग मलबे में दब गए हैं। अब तक चार लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। अभी यह साफ नहीं है कि पुल पर मौजूद लोग नदी में गिर गए या मलबे के नीचे फंसे हुए हैं।
विज्ञापन


मक्का की तीर्थयात्रा पर गया परिवार बचा
दस घायल लोगों का दो अस्पतालों में इलाज चल रहा है जबकि बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। इस बड़े भूस्खलन में एक चर्च और पास का एक घर भी बह गया। अच्छी बात यह रही कि घर पर ताला लगा था क्योंकि उसमें रहने वाले लोग मक्का की तीर्थयात्रा पर गए हुए थे और घटना के समय चर्च के अंदर भी कोई नहीं था। प्रभावित इलाकों को जोड़ने वाला एक पुल मलबे के नीचे दब गया है, जिससे बचाव कार्यों में भारी रुकावट पैदा हुई।

 24 घंटों में 226 मिमी बारिश दर्ज
बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और भारी मात्रा में मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह भूस्खलन कल्लाडी में मीनाक्षी पुल के पास हुआ। शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि लगातार बारिश के कारण साइट पर खोदी गई मिट्टी के बड़े ढेर ढह गए, जिससे काम करने वाली जगह का कुछ हिस्सा मलबे में दब गया।
यह घटना मेप्पाडी में हुई बहुत ज्यादा बारिश के बाद हुई, जहां पिछले 24 घंटों में 226 मिमी बारिश दर्ज की गई।

यह इलाका पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है और जब मिट्टी खिसकने की घटना हुई, तो पास ही कई निजी गाड़ियां और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को लाने-ले जाने वाली एक बस खड़ी थी। बचाव कर्मियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी लोग दबे हो सकते हैं।

केरल के मंत्री ने वायनाड भूस्खलन को मानव निर्मित आपदा करार दिया
कृषि मंत्री टी सिद्दीकी ने पत्रकारों से कहा, यह प्राकृतिक भूस्खलन नहीं है। यह एक मानव निर्मित भूस्खलन है, जो खुदाई के बाद निकाली गई मिट्टी को अवैज्ञानिक तरीके से इकट्ठा करने के कारण हुई है। मंत्री ने कहा कि इस संबंध में पहले भी चिंताएं जताई गई थीं। उन्होंने बताया कि स्थिति का आकलन करने, जमा की गई मिट्टी को हटाने और जरूरत पड़ने पर काम रोकने के निर्देश जारी किए गए थे। घटना से जुड़े एक वीडियो में मीनाक्षी पुल के पास जमा मिट्टी का बड़ा ढेर बारिश के कारण अचानक नीचे खिसकता हुआ दिखाई दिया।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें