भारत-नेपाल की खुली सीमा को लेकर पुलिस-प्रशासन गंभीर है। इस सीमा की निगरानी के लिए अब सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है। इस संबंध में प्रशासन एसएसबी के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर खाका तैयार कर रहा है। बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में संयुक्त प्रेस वार्ता में कमिश्नर दिनेश सिंह और डीआईजी लक्ष्मीनारायण मीणा ने यह जानकारी दी।
कमिश्नर दिनेश सिंह ने कहा कि दशहरा, मोहर्रम और विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस व प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। त्यौहारों को शांति और सौहार्द पूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा। शासन के निर्देश पर नागरिक, पूजा कमेटी और ताजिएदारों को साथ में बैठा कर पीस कमेटी की बैठक में कानून व्यवस्था कायम रखने की हिदायत दे दी गई है।
सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया जा चुका है। डीआईजी रेंज लक्ष्मी नारायण ने बताया कि गांवों में पुलिस को सूचना देने के लिए पुलिस सहित सात विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। संवेदनशील स्थलों को भी चिह्नित किया जा रहा है।उरी सैन्य कैंप पर हमले के बाद से सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। नेपाल सीमा पर सीसीटीवी लगाने के लिए एसएसबी से वार्ता की जा रही है।
शिक्षक और लेखपाल भी देंगे गांव की गोपनीय सूचना
इस संबंध में मंडलायुक्त की त्रैमासिक बैठक में वार्ता के बाद से सुरक्षा को लेकर एजेंसिंयों को गतिविधियां बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया है। खुफिया विभाग छोटी-छोटी सूचनाएं एकत्र कर रही है।
अभी तक इस सीमा पर कोई ऐसी गतिविधि प्रकाश में नहीं आई है, जिससे हाई अलर्ट घोषित किया जाए। इस दौरान डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय, एसपी महेंद्र यादव, सीडीओ अखिलेश तिवारी, एएसपी मंशाराम गौतम आदि मौजूद रहे।
डीआईजी रेंज बस्ती लक्ष्मी नारायण ने बताया कि सात विभाग के कर्मचारी पुलिस के साथ मिलकर गांव में शांति और कानून व्यवस्था को कायम रखने में सहयोग करेंगे। यह कर्मचारी गांवों से गोपनीय सूचना उपलब्ध कराने में भी पुलिस को मदद देंगे।
निकालने के लिए पुलिस का सहयोग प्रशासन सहित से संबंधित कर्मचारी करेंगे। थाने तक सूचना देने के लिए बीट सिपाहियों के अलावा प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, शिक्षा मित्र, रोजगार सेवक, सफाई कर्मचारी को अधिकृत किया जा रहा है।