जीएसटी परिषद ने मुनाफाखोरी-रोधी प्रावधानों के तहत करदाताओं को बड़ी राहत देने की योजना बनाई है। परिषद ने सिफारिश की है कि एक अप्रैल, 2025 से भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) मुनाफाखोरी-रोधी से जुड़ा कोई भी नया आवेदन स्वीकार नहीं करेगा। ऐसे मामलों को सीसीआई से जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटीएटी) में स्थानांतरित करने की सिफारिश की गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की 53वीं बैठक में राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने कहा, जो मामले पहले दर्ज किए जा चुके हैं, उनकी सुनवाई जारी रहेगी और उन पर फैसला किया जाएगा। मौजूदा मुनाफाखोरी-रोधी प्रावधानों के तहत उद्योग से मूल्य वृद्धि के मामले में हमेशा विवाद की आशंका थी। भले ही यह लागत में वृद्धि या किसी और कारण से हो। जीएसटी के लागू हुए सात साल हो गए हैं। ऐसे में मूल्य निर्धारण बाजार की ओर से होना चाहिए, न कि कानून के जरिये।