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NEET रिजल्ट पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची CBSE, मद्रास हाईकोर्ट ने लगा रखी है रोक

Sat, 10 Jun 2017 06:24 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, नई दिल्ली
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नीट रिजल्ट पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची CBSE, मद्रास हाईकोर्ट ने लगा रखी है रोक - फोटो : amar ujala
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नेशनल इलिजिबिलिटी इंट्रेस टेस्ट(नीट)-2017 के परिणाम घोषित करने पर मद्रास हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई अंतरिम रोक को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट 12 जून को इस याचिका पर सुनवाई करेगा। देशभर में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में दाखिले के लिए आयोजित हुए नीट-2017 में करीब 12 लाख छात्र शामिल हुए थे।

गत 24 मई को हाईकोर्ट में रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगाई थी। नीट परीक्षा में एक समान प्रश्नपत्र न होने केआरोप संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट में यह आदेश पारित किया था। याचिकाओं में कहा गया था कि अंग्रेजी और तमिल के प्रश्न पत्र में बहुत अंतर था।
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सीबीएसई की ओर से शुक्रवार को इस याचिका का न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की अवकाशकालीन पीठ केसमक्ष उल्लेख किया गया। सीबीएसई की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट के आदेश केबाद नीट केद्वारा मेडिकल कोर्स में दाखिले और काउंसिलिंग की प्रक्रिया पर विराम लग गया है। मनिंदर सिंह ने याचिका पर जल्द सुनवाई की गुहार लगाई। जिस पर पीठ ने कहा कि चूंकि यह 12 लाख छात्रों से जुड़ा मामला है लिहाजा याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी। गत सात मई को आयोजित नीट-2017 में 10.5 लाख छात्रों ने हिन्दी या अंग्रेजी माध्यम से परीक्षा दी थी जबकि करीब डेढ़ लाख छात्रों ने अन्य आठ भाषाओं में परीक्षा दी थी।

मनिंदर सिंह ने पीठ से यह भी कहा कि नीट परीक्षा से संबंधित विभिन्न हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दे रखा है कि कोई भी अदालत नीट संबंधित मामले पर सुनवाई नहीं करेगी बावजूद इसके कई हाईकोर्ट नीट संबंधित याचिकाओं पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि नीट-2017 से संबंधित विभिन्न हाईकोर्ट में चल रहे मामले को सुप्रीम कोर्ट स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं के प्रश्नपत्र अलग होने केपीछे मकसद यह था कि किसी क्षेत्रीय भाषा के प्रश्नपत्र लीक होने पर अधिकतर छात्रों पर इसका प्रभाव न पड़े।
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आयुष कोर्स में अगले सत्र से नीट से होगा दाखिला

NEET - फोटो : amarujala
शिक्षण सत्र 2018-19 से आयुष पाठ्यक्रमों के लिए दाखिले राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के माध्यम से होंगे। दाखिला प्रक्रिया के मानकीकरण के लिए और छात्रों को आयुष के प्रति आकर्षित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। आयुष में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होमियोपैथी शामिल हैं।

आयुष मंत्रालय ने इस संबंध में सभी राज्य सरकारों को परामर्श भेजा है। आयुष मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा, ‘आयुर्वेद, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी दवाइयों व योग की दुनिया भर में मांग बढ़ी है। जिससे इन पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में इसकी शिक्षा के स्तर को बनाए रखने की आवश्यकता है। नीट शुरू किए जाने से किसी भी आयुष कॉलेज में सीटों को भरने के लिए निजी परीक्षाएं नहीं ली जा सकेंगी।’ 

21 जून को अंतरराष्ट्रीय दिवस से पूर्व नाइक ने कहा कि आंकड़े दर्शाते हैं कि पिछले दो साल में योग का अभ्यास करने वाले की संख्या में 30 फीसदी की बढ़त हुई है। सरकार योग को बढ़ावा देने के लिए देश भर में 100 पार्क समर्पित करेगी। इन पार्कों का रखरखाव योग या अन्य संगठनों द्वारा स्वैच्छिक रूप से किया जायेगा। हाल ही में एक बैठक में सचिवों के एक समूह ने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि मेडिकल काउंसिल पाठ्यक्रम फिर से तैयार किया जाना चाहिए ताकि आयुष से जुड़े तत्व एलोपैथी में और एलोपैथी के तत्व आयुष में शामिल किए जा सकें। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में फिलहाल अंतिम फैसला नहीं हुआ है। बातचीत जारी है।
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