केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की आपत्ति के बाद कक्षा छह से आठ तक के लिए समान मूल्यांकन नीति वापस ले ली है। आयोग ने समान मूल्यांकन नीति को शिक्षा के अधिकार (आरटीई) कानून का उल्लंघन बताया था।
सीबीएसई की अधिसूचना के अनुसार, ‘बोर्ड की संचालन इकाई के फैसले के अनुरूप कक्षा छह से कक्षा आठ तक के लिए समान मूल्यांकन प्रणाली, परीक्षा और रिपोर्ट कार्ड के संबंध में जारी पूर्व के सर्कुलर को निरस्त किया जाता है।’
पहले के सर्कुलर में उल्लेख किया गया था, ‘कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू करने के लिए बच्चों के उच्च प्राथमिक चरण कक्षा छह में पहुंचने पर उनमें विश्वास बढ़ाने के लिए सीबीएसई ने छठी से लेकर आठवीं तक के लिए समान मूल्यांकन प्रणाली, इसी तर्ज पर परीक्षा पैटर्न और रिपोर्ट कार्ड जारी करने का फैसला किया है।'
10वीं क्लास के लिए इस साल से बोर्ड परीक्षा फिर से शुरू करने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद इस क्लास के लिए सतत एवं समग्र मूल्यांकन की प्रणाली को भी खत्म कर दिया गया है।