सीबीएसई की 10वीं की गणित व 12वीं की अर्थशास्त्र की परीक्षा लीक मामले में देश के राष्ट्रीय बैंक भी संदेह के दायेर में आ गए हैं। स्कूलों में जाने से पहले पेपर बैंकों के लॉकर में जमा होते थे। दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई के कंट्रोलर केके चौधरी समेत तीन अधिकारियों को बुलाकर करीब चार घंटे तक परीक्षा सिस्टम के बारे में जाना। पुलिस ने उनसे कई सवाल भी पूछे।
राजेन्द्र नगर स्थित कोचिंग सेंटर के मालिक को शुक्रवार को फिर पूछताछ के लिए बुलाया था। उससे कई घंटे पूछताछ हुई थी। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने मेल भेजने वाले कंप्यूटर का आईपी एड्रेस का पता करने के लिए गूगल को पत्र लिखा है।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीबीएसई के कंट्रोलर केके चौधरी व सीबीएसई के दो अन्य अधिकारियों को गुरुवार को शकरपुर स्थित अपराध शाखा के कार्यालय में बुलाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उनसे करीब चार घंटे तक परीक्षा सिस्टम के बारे में जाना गया कि पेपर कैसे बनते हैं, कैसे सैट होते हैं, प्रिंट कहां और कैसे होते हैं।
पूछताछ में पता लगा कि परीक्षा सेंटर से जाने से पहले पेपर पास में स्थित राष्ट्रीय बैंक के लॉकर में जमा होते हैं। परीक्षा वाले दिन प्रिंसीपल बैंक लॉकर से पेपर बंडल को लेकर आता था।