पंजाब नेशनल बैंक को करोड़ों रुपये का चूना लगाकर विदेश भागने वाले हीरा कारोबारी नीरव मोदी की लंदन में मौजूदगी के सबूत मिल गए हैं। इसके बाद से ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इंटरपोल और ब्रिटेन के अधिकारियों के साथ संपर्क में है। एजेंसी का कहना है कि भगोड़े की तुरंत गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस पर कार्रवाई की जाए।
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि एजेंसी ने इंटरपोल से कहा है कि वह इस बात को सुनिश्चित करें कि नीरव वहां से कहीं न भागे क्योंकि हो सकता है कि वह किसी और पहचान के सहारे दूसरे देश चला जाए। अधिकारियों का कहना है कि ब्रिटेन और इंटरपोल ने अगस्त 2018 में खुद यह बताया था कि नीरव मोदी उनके देश में है लेकिन उसके स्थान के बारे में सटीक जानकारी नहीं है।
भारतीय एजेंसियों को यह भी पता चला है कि नीरव लगातार यूरोपीय देशों की यात्रा कर रहा है और भारत, ब्रिटेन और अमेरिका में उसके खिलाफ होने वाली कार्रवाई को लेकर अपने वकीलों से बातचीत कर रहा है। पिछले साल उसने जिन देशों की यात्रा की है उनमें फ्रांस, हांगकांग, अमेरिका और बेल्जियम शामिल हैं।
एक अधिकारी ने कहा, 'चूंकी उसके स्थान की सटीक जानकारी अब मिल चुकी है। ऐसे में पहला कदम अब उसे गिरफ्तार करना होना चाहिए क्योंकि उसके खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और मनी लांडरिंग से जुड़े पर्याप्त सबूतों को प्रत्यर्पण अनुरोध के साथ ब्रिटेन को सौंपा जा चुका है। उसके भारतीय पासपोर्ट को निरस्त कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि ब्रिटेन अधिकारियों को उन दस्तावेजों को जब्त कर लेना चाहिए जिनके आधार पर वर्तमान में वह यात्रा कर रहा है।'
जैसे ही नीरव मोदी को गिरफ्तार किया जाएगा, वैसे ही सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की एक संयुक्त टीम को भारत से लंदन भेजा जाएगा ताकि उसके प्रत्यर्पण के ट्रायल में मदद की जा सके। नीरव के खिलाफ जुलाई में रेड कॉर्नर नोटिस, इंटरनेशनल अरेस्ट वारंट जारी किया जा चुका है। इसके साथ ही पिछले साल ब्रिटेन को उसके प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध भेजा गया है। उसपर पंजाब नेशनल बैंक के साथ 14,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।