सीबीआई ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि वह पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम और दो अन्य नौकरशाहों केपी कृष्णन और रमेश अभिषेक के खिलाफ आधिकारिक शक्तियों के दुरुपयोग के आरोप में प्रारंभिक जांच कर रही है। यह जांच 63 मून्स टेक्नोलॉजीज द्वारा दायर शिकायत पर की जा रही है।
सीबीआई के अधिवक्ता हितेन वेनेगवकर ने जस्टिस एसएस जाधव और जस्टिस एनजे जामदर को बताया कि शिकायत साल 2012-13 से संबंधित है, ऐसे में जांच एजेंसी को उससे जुड़े दस्तावेजों को दोबारा से प्राप्त करने में कुछ समय लगेगा। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता (63 मून्स टेक्नोलॉजीज) को बयान दर्ज कराने व शिकायत के समर्थन में और सुबूत जमा करने के लिए तलब किया गया था।
हालांकि अबतक सीबीआई को शिकायतकर्ता की तरफ से और दस्तावेज और सुबूत नहीं जमा कराए गए हैं। वहीं 63 मून्स टेक्नोलॉजीज के वकील ए पोंडा ने कहा, सभी तथ्यों का खंडन करते हुए कहा कि सभी दस्तावेज और सुबूत सीबीआई को सौंप दिए गए हैं।
पीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले की अगली तारीख 14 अगस्त तय की है। कोर्ट जिग्नेश शाह द्वारा प्रवर्तित कंपनी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसे पहले फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के नाम से जाना जाता था।
63 मून्स टेक्नोलॉजीज ने चिदंबरम और केपी कृष्णन और रमेश अभिषेक के खिलाफ मामले में सीबीआई द्वारा जांच किए जाने में कथित देरी किए जाने पर सवाल उठाये थे। मालूम हो कि यूपीए 2 में जब पी चिदंबरम वित्तमंत्री थे उस वक्त अभिषेक वायदा बाजार आयोग के अध्यक्ष थे जबकि कृष्णन वित्त मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं संयुक्त सचिव पद पर थे।
नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) में करोड़ों रुपये के भुगतान घोटाला सामने आने के बाद 63 मून्स ने 15 फरवरी 2019 को सीबीआई के समक्ष दर्ज शिकायत में कंपनी को हुए नुकसान और ओहदे का दुरुपयोग करने के मामले में तीनों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की थी।