पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ की मौत की चल रही जांच के तहत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम ने बुधवार को क्राइम सीन का फिर से दौरा किया। यह मामला राज्य पुलिस से सीबीआई को सौंपे जाने के बाद एजेंसी की दूसरी बार घटनास्थल पर पहुंची है।
राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने सोमवार को इस हत्या मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इसके बाद एक प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक सात-सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। संघीय एजेंसी की टीम उन्नत 3डी स्कैनर से लैस होकर घटनास्थल पर पहुंची, जो जांच में एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति का संकेत देता है।
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3डी स्कैनर से बनाया क्राइम सीन का डिजिटल नक्शा
सूत्रों के अनुसार, इन स्कैनर का इस्तेमाल घटनास्थल का एक डिजिटल नक्शा बनाने के लिए किया जा रहा है, जो जांचकर्ताओं को मौत की घटना के क्रम को फिर से बनाने में मदद करेगा। फोरेंसिक पुनर्निर्माण से घटनास्थल का सटीक स्थानिक विश्लेषण मिलने की उम्मीद है, जिससे सीबीआई को गवाहों के बयानों और क्राइम सीन पर मिले सबूतों की पुष्टि करने में मदद मिलेगी।
टीम ने कई घंटे घटनास्थल पर बिताए, आसपास के क्षेत्र को सावधानीपूर्वक स्कैन किया। इसके साथ ही घटना से जुड़ी जरूरी चीजों के बारे में अहम जानकारियां दर्ज कीं।
हत्याकांड में अब तक तीन गिरफ्तार
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड के संबंध में उत्तर प्रदेश और बिहार से अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक शार्प शूटर भी शामिल है। उनकी पहचान मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्या और राज सिंह के रूप में हुई है। जांचकर्ता फिलहाल उनसे पूछताछ कर रहे हैं, ताकि पूरी साजिश का पता लगाया जा सके। साथ ही हत्या के पीछे के मास्टरमाइंड की पहचान की जा सके।
हमलावरों ने ताबड़तोड़ बरसाई थीं गोलियां
चंद्रनाथ रथ को छह मई की रात को कोलकाता हवाई अड्डे से लगभग सात किलोमीटर दूर मध्यग्राम के दोहरिया लेन में गोली मार दी गई थी। भाजपा नेताओं ने इसे सुनियोजित हत्या बताया था। रथ की एसयूवी को उनके निवास के पास एक कार ने रोका, जिसके बाद दोपहिया वाहनों पर सवार हथियारबंद लोगों ने गोलीबारी की, जिससे उनकी मौत हो गई।
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हमलावरों ने एक कार को छोड़ दिया था और एक अन्य लाल कार व एक मोटरसाइकिल में भाग गए। अपराध से जुड़े दो मोटरसाइकिलें बाद में एक घटनास्थल के पास और दूसरा लगभग छह किलोमीटर दूर बारासात में मिलीं। पुलिस के अनुसार, सभी वाहनों की पंजीकरण प्लेटें कथित तौर पर जाली थीं। उनके इंजन और चेसिस नंबर के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
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